Heatwave in Uttarakhand: उत्तराखंड में इस बार मौसम का मिजाज लोगों की उम्मीदों के उलट नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर पहाड़ों को ठंडक और राहत का प्रतीक माना जाता है, वहीं इस बार पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक गर्मी ने एक जैसा असर दिखाया है। तेज धूप, बढ़ता तापमान और शुष्क मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, जिससे लोग दिन में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
राज्य के मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप चरम पर पहुंच गया है। पंतनगर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। वहीं देहरादून में भी तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लू जैसी स्थिति महसूस की जा रही है।
हैरानी की बात यह है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस बार गर्मी ने लोगों को राहत नहीं दी है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले इलाकों में भी दिन के समय तेज धूप और गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही इस बदले मौसम से परेशान हैं।
हालांकि, कुछ जिलों में मौसम के बदलने के संकेत मिले हैं। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। वहीं 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क ही बना रहेगा।
इस बदले मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। यात्रा मार्गों पर पड़ रही गर्मी और तेज धूप श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन रही है, जबकि धामों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गर्म और शुष्क मौसम बना रहेगा। तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है, ताकि गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
