LPG Crisis Hits Lucknow: लखनऊ में पश्चिम एशिया के युद्ध का असर अब रसोई तक पहुँच गया है, जिससे एलपीजी आपूर्ति में गंभीर संकट खड़ा हो गया है। राजधानी में सामान्य रूप से 24 घंटे के भीतर होने वाली सिलेंडर की डिलीवरी अब 48 से 72 घंटे की देरी से हो रही है। शहर में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक सिलेंडरों की मांग है, लेकिन उपभोक्ताओं की शिकायत है कि न तो समय पर बुकिंग हो पा रही है और न ही डिलीवरी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण है कि कई गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और कुछ क्षेत्रों में कालाबाजारी के आरोप भी सामने आए हैं।
शादियों के सीजन के बीच व्यावसायिक (Commercial) सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी रोक ने कैटरिंग और होटल कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार, 11 मार्च को लखनऊ में एक हजार से अधिक शादियाँ होनी हैं, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से आयोजनों पर संकट मंडरा रहा है। 15 मार्च तक चलने वाले इस सीजन में अगर आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो कैटरिंग व्यवसाय पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुँच सकता है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह रोक अस्थायी है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए लगाई गई है।
दूसरी ओर, इंडियन ऑयल (IOC) और जिला प्रशासन ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक संजय भंडारी ने स्पष्ट किया है कि डिपो में एक सप्ताह का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति का संकट केवल पश्चिम एशिया के हालातों के कारण आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहेगी और जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, व्यावसायिक सिलेंडरों पर लगी रोक भी हटा ली जाएगी।
संकट की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने तेल कंपनियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की है। डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए और घरेलू गैस की होम डिलीवरी निर्धारित समयावधि के भीतर सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 25 दिन का अंतराल पूरा होने के बाद उपभोक्ता की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। फिलहाल प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
