Akshay Tritiya 2026: हिंदू धर्म में मान्यता है कि अक्षय तृतीया का पर्व अक्षय फल देने वाला होता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। यही कारण है कि इस दिन लोग सोना-चांदी, वाहन, जमीन और अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। हालांकि, कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें इस शुभ अवसर पर खरीदने से बचना चाहिए, वरना लाभ की जगह हानि हो सकती है।
अक्षय तृतीया 2026 की तिथि और शुभ योग
साल 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:50 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 7:28 बजे समाप्त होगी। इस दिन रोहिणी नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो हर प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

इन चीजों को खरीदने से करें परहेज
1. काले रंग की वस्तुएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काला रंग शनि और नकारात्मकता का प्रतीक होता है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ दिन पर काले कपड़े, बर्तन या अन्य वस्तुएं खरीदना अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।
2. लोहे और स्टील की चीजें
इस दिन लोहे या स्टील से बनी वस्तुएं जैसे बर्तन, औजार या फर्नीचर खरीदने से बचना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार लोहा शनि ग्रह से जुड़ा होता है, जो इस शुभ अवसर पर अनुकूल नहीं माना जाता।
3. प्लास्टिक के सामान
प्लास्टिक प्राकृतिक नहीं होता और इसमें सकारात्मक ऊर्जा का अभाव माना जाता है। अक्षय तृतीया पर प्लास्टिक के सामान खरीदने से घर की बरकत पर असर पड़ सकता है।
4. धारदार वस्तुएं
चाकू, कैंची, ब्लेड जैसी नुकीली और धारदार चीजें इस दिन खरीदना अशुभ होता है। मान्यता है कि ये वस्तुएं रिश्तों में कटुता और विवाद को बढ़ा सकती हैं।
5. कांटेदार पौधे
कैक्टस जैसे कांटेदार पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। अक्षय तृतीया पर ऐसे पौधे घर लाना अशुभ माना जाता है। इसकी जगह हरे-भरे और सकारात्मक ऊर्जा वाले पौधे लाना बेहतर होता है।
अक्षय तृतीया पर क्या खरीदना शुभ है?
इस दिन सोना, चांदी, हीरा, नए कपड़े, बर्तन, पूजा सामग्री, मिठाई और दान-पुण्य से जुड़ी वस्तुएं खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इनसे घर में लक्ष्मी का वास बढ़ता है और सुख-समृद्धि आती है।
अक्षय तृतीया सिर्फ खरीदारी का ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और शुभ कार्यों का दिन है। सही चीजों का चयन और अशुभ वस्तुओं से परहेज करके आप इस दिन को और भी फलदायी बना सकते हैं। इस पावन पर्व को श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक सोच के साथ मनाएं, ताकि आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
