UGC Regulations 2026: मऊ जिले में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ आक्रोश की लहर अब संगठित आंदोलन का रूप ले रही है। “सवर्ण एकता मंच” ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए 04 फरवरी को कलेक्ट्रेट परिसर में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जिले के ताजेपुर क्षेत्र से जनसंपर्क अभियान का शंखनाद किया गया है।
अभियान की शुरुआत गुरुवार सुबह ताजेपुर स्थित मंदिर में हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुई, जिसके बाद संयोजक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को एकजुट करना शुरू किया। इस जनसंपर्क का मुख्य उद्देश्य सवर्ण समाज के लोगों को यूजीसी के नए ‘इक्विटी रूल्स’ के उन प्रावधानों के प्रति जागरूक करना है, जिन्हें समाज के लिए अहितकारी माना जा रहा है।
बैठक और संवाद के दौरान संयोजक विजय प्रताप सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर लगाई गई हालिया रोक समाज की एकजुटता की पहली जीत है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 04 फरवरी के प्रदर्शन के दौरान केवल नारेबाजी नहीं होगी, बल्कि कानूनी विशेषज्ञों की राय लेकर एक औपचारिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को नियमों में आवश्यक संशोधन हेतु ठोस सुझाव भेजे जाएंगे।
मऊ में “सवर्ण एकता मंच” का यह बढ़ता सक्रिय प्रयास क्षेत्र में बड़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर रहा है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस कानून के लागू होने से सामाजिक ताने-बाने पर बुरा असर पड़ेगा, इसलिए जब तक इसमें न्यायसंगत बदलाव नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा। जिले में जिस तरह से गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ा जा रहा है, उससे 04 फरवरी को कलेक्ट्रेट पर भारी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
