शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक कोई व्यक्ति भारत की निंदा नहीं करता, तब तक ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहना राजद्रोह नहीं माना जाएगा।
यह फैसला सिरमौर जिले के एक फल विक्रेता सुलेमान के मामले में आया है, जिस पर आरोप था कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई-जनरेटेड तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखकर एक पोस्ट साझा की थी। पुलिस ने इस पोस्ट को देश विरोधी मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की पीठ ने कहा कि किसी दूसरे देश की प्रशंसा करना तब तक देशद्रोह नहीं हो सकता, जब तक उसमें भारत के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी न हो। कोर्ट ने कहा कि जब तक व्यक्ति भारत की आलोचना नहीं करता, तब तक उसके विचार राजद्रोह की श्रेणी में नहीं आएंगे। इस मामले में पुलिस ने सुलेमान को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल जब्त किया था और चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
