Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से एक गंभीर चुनावी धांधली का मामला सामने आया है। भाजपा नेता अमित मालवीय द्वारा सोशल मीडिया पर ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाए जाने के बाद, चुनाव आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन बूथों पर ईवीएम पर टेप लगाकर उम्मीदवार का नाम छिपाया गया है, वहां फिर से मतदान कराया जाएगा।
अमित मालवीय ने लगाया था गंभीर आरोप
मतदान के बीच भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों पर ईवीएम मशीनों पर टेप लगा दिए गए हैं। आरोप के मुताबिक, इस टेप के जरिए भाजपा उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिह्न छिपाने की कोशिश की गई, ताकि मतदाता भ्रमित हो सकें। भाजपा ने इसे मतदाताओं को प्रभावित करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया था।
This is what Mamata Banerjee was defending when she spoke up for Jehangir Khan, a criminal contesting on a TMC ticket from Falta in Diamond Harbour.
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 29, 2026
In several polling booths, the option to vote for the BJP has been blocked using a tape, effectively preventing voters from… pic.twitter.com/sKw3mcdA86
मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कड़ा रुख
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने तुरंत जांच के आदेश दिए। उन्होंने घोषणा की है कि जिस भी मतदान केंद्र पर ईवीएम के ऊपर काला या सफेद टेप पाया गया है, वहां के मतदान को रद्द कर पुनर्मतदान (Re-polling) कराया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं बड़े पैमाने पर पाई जाती हैं, तो आयोग पूरे क्षेत्र में फिर से चुनाव कराने पर विचार कर सकता है।
इसे माना जाएगा ‘चुनावी अपराध’
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, मतदान शुरू होने से पहले पीठासीन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे कि ईवीएम पर सभी उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट रूप से दिखाई दें। आयोग ने साफ किया है कि बटन को टेप, गोंद, स्याही या किसी भी रसायन से ढकना ‘ईवीएम के साथ छेड़छाड़’ की श्रेणी में आता है और यह एक गंभीर चुनावी अपराध है।
आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में न केवल पुनर्मतदान कराया जाए, बल्कि इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई भी की जाए। बंगाल की 142 सीटों पर जारी इस मतदान प्रक्रिया के बीच आयोग के इस फैसले ने प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल, फाल्टा सहित अन्य प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
