नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने एक और बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल BS-VI डीजल, CNG (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) या इलेक्ट्रिक बसें (EV) ही प्रवेश कर सकेंगी।
यह नया नियम उन सभी बसों पर लागू होगा जो विभिन्न परमिट्स जैसे कॉन्ट्रैक्ट कैरिज (Contract Carriage), स्कूल बस (School Bus), टूरिस्ट परमिट (Tourist Permits) के तहत दिल्ली में प्रवेश करती हैं। इसमें न केवल एनसीआर (NCR) राज्यों से आने वाली बसें शामिल होंगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश से आने वाली बसें भी इस दायरे में आएंगी।
मुख्य बातें:
- छूट प्राप्त बसें: इस निर्देश से दिल्ली में पहले से पंजीकृत बसों को छूट दी गई है।
- पूर्व के निर्देश: CAQM के डायरेक्शन नंबर 78 और 81 के तहत पहले से ही अंतरराज्यीय बसों पर BS-VI/CNG/EV का उपयोग अनिवार्य किया जा चुका है।
- सख्त निगरानी: दिल्ली के सीमा प्रवेश बिंदुओं पर नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए एएनपीआर (Automatic Number Plate Recognition) और आरएफआईडी (Radio-Frequency Identification) जैसे तकनीकी माध्यमों से सख्त निगरानी की जाएगी।
- राज्यों को निर्देश: संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 31 अक्तूबर 2026 के बाद वे केवल उन्हीं बसों को दिल्ली भेजें, जो इस नए नियम का पालन करती हों।
- मालवाहन पर भी प्रतिबंध: इससे पहले, डायरेक्शन नंबर 88 के तहत 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में केवल BS-VI/CNG/LNG/EV मालवाहन (goods carriers) को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है।
