TCS Nashik Scandal: ‘दबंग मैम’ निदा खान थी धर्मांतरण नेटवर्क की मास्टरमाइंड? बुर्का और नमाज के लिए महिलाओं पर बनाती थी दबाव

Nashik TCS Case Update: नासिक टीसीएस कैंपस में धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान के मलेशियाई लिंक का खुलासा हुआ है। एसआईटी की जांच में पता चला है कि निदा कर्मचारियों पर बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने का दबाव डालती थी।

निदा खान टीसीएस नासिक
निदा खान टीसीएस नासिक

TCS Nashik Scandal: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के बीपीओ कैंपस में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे संगठित नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी के रूप में एचआर (HR) मैनेजर निदा खान का नाम उभरकर सामने आया है। ऑफिस में ‘दबंग मैम’ के नाम से मशहूर निदा खान पर आरोप है कि वह न केवल उत्पीड़न करने वाले सात पुरुष आरोपियों को संरक्षण दे रही थी, बल्कि हिंदू महिला कर्मचारियों का ‘ब्रेनवॉश’ कर उन्हें इस्लामी रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए मजबूर भी कर रही थी।

एचआर की आड़ में ‘धार्मिक पुलिसिंग’

जांच में जुटी एसआईटी (SIT) और दर्ज की गई 9 एफआईआर (FIR) के अनुसार, निदा खान की भूमिका एक प्रोफेशनल मैनेजर से कहीं अधिक ‘धार्मिक प्रचारक’ जैसी थी। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि निदा उन्हें बुर्का पहनने के तरीके सिखाती थी और उन पर इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने का दबाव डालती थी। एक महिला कर्मचारी ने बताया कि जब उसने शिकायत करनी चाही, तो निदा ने यह कहकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की कि “ऐसी बातें तो कॉर्पोरेट ऑफिस में होती रहती हैं।”

मलेशिया कनेक्शन और व्हाट्सएप चैट का जाल

पुलिस की जांच में एक व्हाट्सएप ग्रुप का पता चला है, जिसमें निदा खान सहित सभी आरोपी शामिल थे। इस ग्रुप के जरिए न केवल कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था, बल्कि मलेशिया से जुड़े ‘इरमान’ नाम के एक उपदेशक के जरिए उनका ब्रेनवॉश भी किया जा रहा था। आरोप है कि कर्मचारियों को जबरन नमाज पढ़वाई गई, मांसाहारी भोजन करने के लिए मजबूर किया गया और यहां तक कि टोपी पहनाकर उनकी तस्वीरें भी ली गईं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या निदा खान भर्ती प्रक्रिया के दौरान भी किसी खास धार्मिक पैटर्न का पालन कर रही थी और क्या इस पूरे नेटवर्क को विदेश से फंडिंग मिल रही थी।

गुप्त ऑपरेशन: हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर पहुंची पुलिस

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नासिक पुलिस ने एक अनूठा गुप्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस की चार महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ (सफाई कर्मचारी) बनाकर कंपनी के भीतर तैनात किया गया था। इन महिला अधिकारियों ने कैंपस के भीतर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और कर्मचारियों के बीच फैले डर को करीब से देखा, जिसके बाद पुलिस ने ठोस सबूतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।

8 गिरफ्तार, निदा खान अब भी फरार

अब तक पुलिस ने 7 पुरुष आरोपियों और एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी निदा खान अभी भी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इस बीच, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मामले को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हिंदूवादी संगठनों ने कंपनी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं पुलिस ने अब इस जांच में एटीएस (ATS) और एनआईए (NIA) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया है ताकि किसी भी तरह के बड़े आतंकी या अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण लिंक की जांच की जा सके।

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