चंडीगढ़: पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय के बाहर बुधवार शाम हुए बम विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी अब प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन के आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने ली है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में आतंकी ने इस ग्रेनेड हमले को ‘जवाबी कार्रवाई’ करार देते हुए पंजाब में अस्थिरता पैदा करने और खालिस्तान की मांग को लेकर भड़काऊ बातें लिखी हैं।
धमाके से मची अफरा-तफरी
बुधवार शाम करीब 5 बजे हुए इस विस्फोट से भाजपा कार्यालय के आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। धमाका इतना जोरदार था कि कार्यालय की चारदीवारी पर निशान पड़ गए और बाहर खड़ा एक स्कूटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रमुख विनीत जोशी ने बताया कि धमाके के वक्त कार्यालय के भीतर हलचल थी और अचानक हुई इस आवाज से हर कोई सन्न रह गया।
आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर की धमकी
आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “1 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी मैं लेता हूं। भारतीय सिस्टम पंजाब के युवाओं के खिलाफ जो भी हथकंडे अपना ले, खालसा पंथ उसका उचित जवाब देगा।” उसने गुरदासपुर की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए आगे और भी हमले करने की धमकी दी है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और डिजिटल ट्रेल के जरिए आतंकी की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक छोटा ग्रेनेड हमला माना जा रहा है, जिसे दहशत फैलाने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया। पुलिस ने पूरे सेक्टर-37 और आसपास के इलाकों को सील कर दिया है और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और चिंता
भाजपा कार्यालय को निशाना बनाए जाने पर पार्टी नेताओं ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विनीत जोशी ने कहा कि पार्टी कार्यालय जैसी जगह पर विस्फोट होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पंजाब में पहले से ही जारी खालिस्तानी गतिविधियों और सीमा पार से बढ़ रहे ड्रोन मूवमेंट के बीच इस तरह का सीधा हमला सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल, पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग तेज कर दी गई है।
