Assam Elections 2026: असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को घोषणा की कि आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि सहयोगी दलों को 37 सीटें दी जाएंगी। सीट बंटवारे के तहत असम गण परिषद (एजीपी) को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) को 11 सीटें आवंटित की गई हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दिया गया है और गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों के जरिए बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक 18 मार्च को होगी, जिसके बाद उम्मीदवारों की सूची बुधवार या गुरुवार तक जारी की जा सकती है।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं और सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों और गठबंधन समीकरणों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 75 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी। उस चुनाव में भाजपा ने 60 सीटें जीती थीं, जबकि एजीपी को 9 सीटें मिली थीं।
राज्य की राजनीति में सीट बंटवारा हमेशा निर्णायक भूमिका निभाता है, खासकर बोडोलैंड जैसे क्षेत्रों में जहां क्षेत्रीय दलों का प्रभाव मजबूत माना जाता है। इस बार भी गठबंधन का गणित चुनावी परिणामों पर असर डाल सकता है। असम में मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
इसी बीच सियासी गलियारों में एक और बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। नागांव से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। टिकट को लेकर नाराजगी के चलते उनका यह कदम अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक बोरदोलोई जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने उन्हें भाजपा में शामिल होने और अपनी पसंद की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भी दिया है। यदि ऐसा होता है, तो यह चुनावी समीकरणों को और दिलचस्प बना सकता है।
