समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते बुधवार को उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से लगभग 45 मिनट तक लंबी मुलाकात की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत और आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत में मुख्य रूप से आगामी चुनावों के लिए गठबंधन की सीटों, कांग्रेस पार्टी के साथ संभावित सीट शेयरिंग, पश्चिमी यूपी के संभावित उम्मीदवारों और खुद आजम खान की राजनीतिक भूमिका जैसे तमाम महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इसके अलावा अखिलेश यादव ने आजम खान के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहने और उनके शैक्षणिक सपनों को आगे बढ़ाने का भी पूरा भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, इस मुलाकात को लेकर रामपुर के सदर विधायक आकाश सक्सेना ने तीखे सवाल भी खड़े किए हैं।
चुनावी रणनीति और संभावित उम्मीदवारों पर मंथन
रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खान की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब समाजवादी पार्टी के सामने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने राजनीतिक आधार को मजबूत बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। इस बंद कमरे की बैठक में चुनावी रणनीति और संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे के मुद्दे पर भी गंभीर मंथन किया गया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की तरफ से जिन सीटों का प्रस्ताव दिया गया है और उनमें से किन-किन सीटों पर समाजवादी पार्टी को अपना दावा मजबूत रखना चाहिए, इस पर आजम खान ने अपना पक्ष रखा। मुरादाबाद, मेरठ, बिजनौर और रामपुर समेत पश्चिमी यूपी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े संभावित प्रत्याशियों के नामों पर भी विचार-विमर्श किया गया, क्योंकि कई स्थानीय नेता लगातार आजम खान तक अपनी दावेदारी पहुंचाते रहे हैं।
परिवार को समर्थन और पार्टी में नए लोगों की एंट्री पर चर्चा
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके परिवार के प्रति अपनी एकजुटता और समर्थन का खुलकर इजहार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और आजम खान को पार्टी का एक मजबूत स्तंभ बताया। हालांकि, इस बैठक के दौरान पार्टी में नए लोगों को शामिल किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि दिल्ली में कुछ नए लोगों को समाजवादी पार्टी में शामिल किए जाने पर आजम खान ने अपनी नाराजगी जताई थी, क्योंकि उनके खेमे द्वारा इन्हें विरोधी माना जाता है। आजम खान ने इस बात पर आपत्ति जताई कि ऐसे लोगों को पार्टी में जगह देने से पहले उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया था।
ओवैसी पर तंज और शिक्षा के सपने का जिक्र
जेल में मुलाकात के बाद बाहर आकर मीडिया से मुखातिब हुए अखिलेश यादव ने असदुद्दीन ओवैसी को लेकर तीखा राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि जैसे रावण ने वेश बदलकर एक दिन के लिए छल किया था, उसी तरह राजनीति में भी लोग वेश बदलकर आते हैं। इसके अलावा, अखिलेश यादव ने आजम खान के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान और उनके सपनों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजम खान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के जरिए युवाओं का भविष्य संवारना था और समाजवादी पार्टी उनके इस शैक्षणिक सपने को जरूर पूरा करेगी। साथ ही, उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए।
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव और आजम खान की इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रामपुर सदर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को सिर्फ एक परिवार से मिलने के बजाय उन पीड़ित परिवारों से भी मिलना चाहिए था, जिन्हें उनके आरोपों के मुताबिक आजम खान के कार्यकाल के दौरान प्रताड़ित किया गया था। आकाश सक्सेना ने विशेष तौर पर कुछ दलित परिवारों का हवाला देते हुए कहा कि वे परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं और अखिलेश यादव को उन पर भी ध्यान देना चाहिए था।
