केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। अक्टूबर के तीन सप्ताह बीतने के बाद भी सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। महीने की शुरुआत में और इसके बाद हुई कैबिनेट बैठकों के दौरान कर्मचारियों को बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन अब तक फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में 28 अक्टूबर को संभावित कैबिनेट बैठक पर नजरें टिकी हैं। कर्मचारियों के बीच यह सवाल भी है कि क्या दिवाली से पहले DA और DR बढ़ाने की घोषणा हो सकती है।
28 अक्टूबर की बैठक में क्या हो सकता है फैसला?
केंद्र सरकार कई बार कैबिनेट बैठक के बाद महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में संशोधन की घोषणा करती है। इसी वजह से 28 अक्टूबर की संभावित बैठक से कर्मचारियों को उम्मीदें हैं। हालांकि, इस तारीख को DA बढ़ोतरी का ऐलान होने की सरकार ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इसके अलावा, महंगाई भत्ते की नई दरों की अधिसूचना जारी करने के लिए कैबिनेट बैठक ही एकमात्र रास्ता नहीं है। वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग (Department of Expenditure) भी संशोधित दरों से संबंधित अधिसूचना जारी कर सकता है। इसलिए फिलहाल यह निश्चित नहीं है कि घोषणा 28 अक्टूबर को होगी या कर्मचारियों को इसके लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
अक्टूबर में पहले भी टिकी थीं कर्मचारियों की उम्मीदें
DA बढ़ोतरी को लेकर अक्टूबर में कई मौकों पर घोषणा की उम्मीद की गई थी। 6 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फैसला नहीं हुआ। इसके बाद 14 अक्टूबर की बैठक से भी कर्मचारियों को उम्मीद थी, लेकिन उस दिन रेलवे कर्मचारियों के परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस को मंजूरी मिली और DA पर कोई घोषणा नहीं हुई।
16 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने नॉन-परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस (Non-PLB) का ऐलान किया, लेकिन महंगाई भत्ते में संशोधन को लेकर फैसला सामने नहीं आया। इसके बाद 21 अक्टूबर को भी कर्मचारियों को घोषणा की उम्मीद थी, मगर उस दिन साप्ताहिक कैबिनेट बैठक नहीं हुई।
इससे पहले जनवरी 2026 के DA संशोधन में भी देरी हुई थी। सरकार ने 18 अप्रैल को कैबिनेट बैठक के बाद महंगाई भत्ते को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया था।
DA में 3% या 4% की बढ़ोतरी का अनुमान
जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते की गणना जुलाई 2025 से जून 2026 तक के औसत खुदरा महंगाई के आंकड़ों और निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर की जानी है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इस बार DA में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि DA में 4 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो इसकी मौजूदा दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत हो सकती है। हालांकि, यह केवल अनुमान है। वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, इसका पता सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा।
DA बढ़ने पर हर महीने कितनी बढ़ेगी सैलरी?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर मिलने वाली रकम पर पड़ता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो DA में 2 प्रतिशत की वृद्धि होने पर उसे हर महीने 360 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं, 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर यह रकम 540 रुपये होगी।
इसी तरह, 29,200 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को DA में 2 प्रतिशत की वृद्धि पर 584 रुपये और 3 प्रतिशत की वृद्धि पर 876 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं।
लेवल-5 के ऐसे कर्मचारी का DA यदि 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाता है, तो उसकी मासिक रकम में 876 रुपये का इजाफा होगा। इसके अलावा, ज्यादा TPTA वाले शहरों में तैनात कर्मचारियों के ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी करीब 108 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
क्या कर्मचारियों को जुलाई से एरियर मिलेगा?
केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन करती है। ये बदलाव जनवरी और जुलाई से प्रभावी होते हैं, लेकिन इनकी घोषणा बाद में भी की जा सकती है।
यदि जुलाई 2026 से लागू होने वाले DA और DR का ऐलान देरी से होता है, तो पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई से प्रभावी संशोधित दरों के अनुसार एरियर मिल सकता है। इस स्थिति में जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि का बकाया भी महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, एरियर की वास्तविक राशि और भुगतान की अवधि सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।
महंगाई भत्ता यानी DA केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है, जबकि पेंशनर्स को इसी तरह का लाभ महंगाई राहत यानी DR के रूप में मिलता है। इस बार की संभावित बढ़ोतरी से एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर हैं।
