भारत मंडपम की सुरक्षा में सेंध और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान विरोध प्रदर्शन करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को 20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद आज तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें फिलहाल तिलक मार्ग थाने में रखा गया है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। थाने के बाहर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
तड़के 4 बजे हुई गिरफ्तारी, कांग्रेस ने साधा निशाना
तिरुवल्लुर से कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने पूरी रात पूछताछ करने के बाद सुबह 4 बजे उदय भानु को गिरफ्तार किया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक बदले की भावना’ करार दिया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, अपराध नहीं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है।
अब तक 7 गिरफ्तारियां, जांच का दायरा बढ़ा
AI समिट मामले में दिल्ली पुलिस अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सोमवार को ग्वालियर से जितेंद्र सिंह यादव नामक एक अन्य सदस्य को पकड़ा गया था, जिसे कोर्ट ने दो दिन की रिमांड पर भेजा है। इससे पहले कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिंह यादव जैसे पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभी 3 से 4 अन्य संदिग्ध उनके रडार पर हैं।
क्या था पूरा विवाद?
यह पूरा मामला 20 फरवरी का है, जब भारत मंडपम के हॉल नंबर-5 में चल रहे ‘इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी शर्ट उतारकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने जैकेट के नीचे प्रधानमंत्री के विरोध वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स की मौजूदगी में हुई इस नारेबाजी और हंगामे को सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया, जिसके बाद तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की कार से प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए टी-शर्ट और पोस्टर भी बरामद किए हैं। साइबर सेल और दिल्ली पुलिस की टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इस ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ की प्लानिंग किस स्तर पर की गई थी और क्या इसमें कोई बाहरी फंडिंग या बड़ी साजिश शामिल थी।
