अहमदाबाद: 12 जून, 2025 को अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में एक भीषण विमान दुर्घटना हुई, जिसमें एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI171) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में विमान में सवार कुल 230 लोगों में से 229 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया।
मृतकों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। विमान दुर्घटना का असर सिर्फ विमान में सवार लोगों तक ही सीमित नहीं रहा। हादसे में बीजे मेडिकल कॉलेज परिसर में भी कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिनमें परिसर में मौजूद चार एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल थीं।
दुर्घटना के तुरंत बाद विभिन्न जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं और घटनास्थल पर मुआयना कर रही हैं:
DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) टीम घटनास्थल पर:
विमान दुर्घटना के तुरंत बाद DGCA ने अपने फील्ड ऑफिस से रिपोर्ट मंगाई। DGCA ने एयर इंडिया ड्रीमलाइनर को लेकर एक आदेश भी जारी किया है। DGCA कभी-कभी प्रारंभिक स्तर पर जांच दल बनाकर तथ्य इकट्ठा करता है और आवश्यक होने पर एयरलाइन को “शो कॉज नोटिस” भी जारी करता है।
NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) टीम मौके पर:
NSG की टीम शुक्रवार सुबह से घटना स्थल पर मौजूद है। इसी टीम ने विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद किया। आज भी यह टीम घटनास्थल पर मुआयना कर रही है और अन्य एजेंसियों के साथ जांच में जुटी हुई है।
NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) सूत्रों से खबर:
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुए एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश में किसी भी साजिश या आपराधिक साजिश की आशंका से इनकार किया है। सूत्रों के अनुसार, एनआईए की एक टीम ने हादसे वाली जगह का दौरा किया और स्थानीय पुलिस की मदद करते हुए किसी भी तरह की गड़बड़ी को खारिज कर दिया।
गुजरात ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) की जांच:
घटना के बाद गुजरात एटीएस भी एक्शन में है। शुक्रवार के दिन गुजरात एटीएस ने बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से लगे मलबे में से सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) बरामद की है। एक एटीएस अधिकारी ने मीडिया को बताया, “यह डीवीआर हमें मलबे से मिली है। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम जल्द ही यहां आएगी।” डीवीआर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जो सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड और स्टोर करता है।
फॉरेंसिक टीम की भूमिका:
गांधीनगर से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक 9 सदस्यीय टीम भी घटनास्थल पर साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए मौजूद थी। टीम ने सैंपल लैब में भेजे हैं। गुजरात एटीएस भी उनके साथ मिलकर काम कर रही है।
ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज:
दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। ब्लैक बॉक्स विमान के टेल (पूंछ) में होता है। इसकी पहचान पहले दिन ही हो गई थी, लेकिन इसे शुक्रवार को बरामद किया गया था।
ब्लैक बॉक्स दरअसल दो अलग-अलग नारंगी रंग के अत्यधिक टिकाऊ डिवाइस होते हैं, जो किसी भी विमान हादसे के दौरान अत्यधिक दबाव, आग और टक्कर को सहने के लिए बनाए जाते हैं। हर वाणिज्यिक विमान में दो ब्लैक बॉक्स होते हैं:
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR): यह विमान की ऊंचाई, रफ्तार, इंजन की ताकत, उड़ान की दिशा और अन्य तकनीकी आंकड़े रिकॉर्ड करता है।
- कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR): यह पायलटों की बातचीत, रेडियो संदेश, चेतावनी संकेत और कॉकपिट के भीतर की अन्य आवाजों को रिकॉर्ड करता है। इन रिकॉर्डिंग्स से यह भी पता चलेगा कि क्या पायलटों ने ‘मेडे कॉल’ (आपातकालीन संदेश) दिया था, विमान को संभालने की कोई कोशिश की गई थी, या उन्हें किसी तकनीकी खराबी की चेतावनी मिली थी।
