Twisha Sharma Death Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब कानूनी लड़ाई और तेज होती नजर आ रही है। मृतका ट्विशा के परिवार ने मामले को लेकर हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। परिवार की ओर से उनके वकील अंकुर पांडे ने कई बड़े दावे करते हुए कहा है कि गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कराने और ट्विशा के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
अंकुर पांडे ने बताया कि परिवार का मानना है कि मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और परिस्थितियां बेहद गंभीर हैं। ऐसे में गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत पर दोबारा विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार आज ही इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगा।
परिवार की ओर से ट्विशा शर्मा के सेकंड पोस्टमार्टम की मांग भी उठाई जाएगी। परिवार का कहना है कि मौत से जुड़े कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं और दोबारा पोस्टमार्टम से कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है। इसके अलावा परिवार भोपाल की अदालत में भी एक अलग आवेदन देने जा रहा है, जिसमें उन सभी मोबाइल नंबरों और डिजिटल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने की मांग की जाएगी, जिन्हें परिवार ने सार्वजनिक किया है।
वकील अंकुर पांडे के मुताबिक, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, इंटरनेट गतिविधियां और अन्य डिजिटल जानकारियां जांच में बेहद अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि गिरिबाला सिंह ने 12 और 13 मई को बड़ी संख्या में लोगों को फोन किए थे। परिवार अब यह जानना चाहता है कि उन कॉल्स में किन-किन लोगों से बातचीत हुई और उनमें कितने प्रभावशाली लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन सभी कॉल रिकॉर्ड्स की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
इस दौरान अंकुर पांडे ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को जल्द से जल्द उस ऑडियो की सत्यता की जांच करनी चाहिए। उनके अनुसार यदि वह ऑडियो सही साबित होता है, तो इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि शादी के बाद पिछले पांच महीनों में ट्विशा किन परिस्थितियों में रह रही थीं।
गौरतलब है कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली थीं। परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पति समर्थ सिंह समेत ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर चुकी है। अब यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।
