उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एकतरफा प्रेम के चलते डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या करने वाले आरोपी विराज पाठक को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले इस मामले में महज 40 दिनों के भीतर फैसला सुनाया गया। यह घटना 30 मई 2026 को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी विराज पाठक, जो बदायूं के शेखुपुरा का रहने वाला है, ने आरव को चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ ले जाकर गली के बाहर जमीन पर कई बार पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, आरव की मां रति का अपने पति के साथ मारपीट और उत्पीड़न को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान आरोपी ने तलाक के मामले में सहयोग करने का भरोसा देकर रति से नजदीकी बढ़ाई थी। आरोप है कि एकतरफा प्रेम के चलते आरव उसके रास्ते में बाधा बनने लगा, जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया।
घटना के करीब पांच घंटे के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी विराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शिकोहाबाद पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर लगभग 80 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर उन्हें प्रमाणित कराया और अदालत में साक्ष्य के रूप में पेश किया। इसके अलावा मासूम की हत्या के प्रत्यक्षदर्शी 13 गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए, जिन्होंने बाद में अदालत में भी अपने बयान दर्ज कराए।
जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने गुरुवार को आरोपी विराज को दोषी करार दिया था। इसके बाद शनिवार को अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई। फैसला आने के बाद मासूम आरव की मां रति शर्मा और उसकी नानी पिंकी शर्मा ने खुशी जताई।
