भोपाल: राजधानी के चर्चित त्विषा शर्मा मामले में सीबीआई जांच के बीच एक नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। केस में साक्ष्य एकत्रित करने के दौरान बनाए गए एक मुख्य गवाह के साथ मारपीट की वारदात हुई है। पीड़ित गवाह का आरोप है कि मुख्य आरोपी समर्थ के दोस्तों ने उस पर गवाही न देने का दबाव बनाते हुए यह हमला किया। वहीं, दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि युवक ने शराब के नशे में उनके रेस्टोरेंट में घुसकर हंगामा खड़ा किया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
यह पूरी घटना बीती 30 मई की बताई जा रही है। पीड़ित नीरज दुबे के अनुसार, वह गिरिबाला सिंह के घर के पास ही एक सांची पार्लर चलाता है। त्विषा शर्मा केस में जब पुलिस साक्ष्य बरामदगी की कार्रवाई कर रही थी, तब पुलिस ने नीरज को इस मामले में स्वतंत्र गवाह बनाया था। पीड़ित का कहना है कि शनिवार को जब वह उसी क्षेत्र में स्थित एक रेस्टोरेंट के पास था, तभी चार से पांच बदमाशों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और अचानक मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित नीरज दुबे का आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट करते हुए साफ तौर पर कहा, “तू इस मामले में गवाह क्यों बन रहा है?” गवाही न देने और पीछे हटने का दबाव बनाते हुए आरोपियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इस घटना के तुरंत बाद दोनों ही पक्षों ने कटाराहिल्स थाने पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
दूसरी तरफ, पुलिस इस मामले को दोनों पहलुओं से देख रही है। कटाराहिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे का कहना है कि रेस्टोरेंट संचालक ने शनिवार को ही नीरज दुबे के खिलाफ रेस्टोरेंट में घुसकर शराब के नशे में हंगामा करने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि इससे पहले कि नीरज को थाने बुलाकर पूछताछ की जाती, उसने रेस्टोरेंट संचालक और उसके साथियों पर गवाही का दबाव बनाकर मारपीट करने का आरोप लगा दिया। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की सत्यता की जांच कर रही है।
इस बीच, यह पूरी वारदात रेस्टोरेंट के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह कुछ युवक दबंगई दिखाते हुए नीरज दुबे को अपना निशाना बना रहे हैं और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और इसके आधार पर आरोपियों की पहचान और घटना की क्रोनोलॉजी को समझने का प्रयास किया जा रहा है। सीबीआई जांच के बीच गवाह पर हमले के इस आरोप ने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
