Suraj Gautam Murder: राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में पीजीआई के संविदाकर्मी सूरज कुमार गौतम हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह अवैध संबंध और बदले की भावना थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी, जो एक महिला का बेटा है, और उसके नाबालिग चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह अशरफनगर-इठुरिया के डेरहवा निवासी 28 वर्षीय सूरज कुमार गौतम उर्फ छोटू का शव एक खाली प्लॉट में खून से लथपथ हालत में मिला था। सूरज पीजीआई में संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत था। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सर्विलांस टीमों को जांच में लगाया गया।
डीसीपी दक्षिण अमित कुमार आनंद ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान दो संदिग्ध युवक मौके से भागते हुए नजर आए। इसी आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि उसकी मां के मृतक सूरज के साथ पिछले करीब तीन साल से प्रेम संबंध थे। लगभग दो महीने पहले उसने सूरज को अपनी मां के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उस समय उसने सूरज को चेतावनी दी थी कि वह दोबारा घर न आए, लेकिन इसके बावजूद सूरज का आना-जाना जारी रहा।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि इस बात से वह बेहद नाराज था और परिवार की बदनामी के डर से उसने सूरज को रास्ते से हटाने का फैसला किया। इसके लिए उसने अपने नाबालिग चाचा को भी योजना में शामिल किया।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात आरोपी ने सूरज को फोन कर बुलाया और शराब पार्टी का बहाना बनाया। तीनों एक सुनसान स्थान पर पहुंचे, जहां आरोपी ने सूरज को ज्यादा शराब पिलाई ताकि वह विरोध न कर सके।
जब सूरज पूरी तरह नशे में धुत हो गया, तब आरोपी ने पहले से छिपाकर रखे चापड़ से उसके चेहरे पर कई वार किए। घायल सूरज वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपियों ने ईंट और धारदार हथियार से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चापड़ और ईंट बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
