बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी और दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शादी का झांसा देकर कोरबा की एक महिला को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उससे करीब 8 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी पवन यादव, जो जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ का निवासी है, ने न केवल महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए बल्कि नौकरी दिलाने और अन्य बहानों से उसके जीवनभर की जमा-पूंजी भी हड़प ली। पीड़िता की शिकायत पर बिलासपुर के तोरवा थाने में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जब कोरबा निवासी महिला की पहचान मैट्रिमोनियल साइट के जरिए पवन यादव से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे शादी के लिए सहमत हो गए। साल 2024 में दोनों की पहली मुलाकात बिलासपुर में हुई, जिसके बाद मुलाकातों का सिलसिला लगातार बढ़ता गया। आरोपी चालाकी से महिला को मिलने के लिए कोरबा जाने के बजाय हमेशा बिलासपुर बुलाता था। तोरवा स्थित एक होटल में रुकने के दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान उसने महिला का भरोसा जीतकर नौकरी दिलाने के नाम पर 3.5 लाख रुपये नगद ऐंठ लिए।
आरोपी की नीयत यहीं नहीं रुकी; उसने अलग-अलग पारिवारिक और व्यक्तिगत मजबूरियां बताकर महिला से करीब 5 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर, जिनमें हार, चूड़ी और चेन शामिल थे, भी ले लिए। जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा और धीरे-धीरे उसने पीड़िता का फोन उठाना भी बंद कर दिया। अपनी ठगी और धोखे का अहसास होने पर महिला ने सोमवार को तोरवा थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। चूंकि घटना के मुख्य साक्ष्य और वारदात का स्थल तोरवा थाना क्षेत्र का होटल था, इसलिए पुलिस ने वहीं शून्य पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पवन यादव के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और उसकी तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स पर अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन पहचान के मामलों में सतर्कता बरतें और वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी पड़ताल जरूर करें।
