National Cancer Awareness Day 2025: आयुष मंत्रालय ने कैंसर रोकथाम और शीघ्र पहचान पर दिया जोर

National Cancer Awareness Day 2025: केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कैंसर रोकथाम हेतु एक सक्रिय और जन-केंद्रित दृष्टिकोण आवश्यक है।

National Cancer Awareness Day: Ayush Ministry Focuses on Cancer Prevention and Early Diagnosis
National Cancer Awareness Day: Ayush Ministry Focuses on Cancer Prevention and Early Diagnosis

National Cancer Awareness Day 2025: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और जन-जागरूकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। मंत्रालय ने कहा कि कैंसर दुनिया में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण बना हुआ है, और भारत शिक्षा, जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से इस चुनौती का प्रभावी समाधान तलाश रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि तंबाकू सेवन, अस्वास्थ्यकर आहार, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, शराब का सेवन, पर्यावरण प्रदूषण और एचपीवी संक्रमण जैसे कारक कैंसर के मामलों में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इनसे बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और समय पर उपचार को महत्वपूर्ण बताया गया।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कैंसर रोकथाम हेतु एक सक्रिय और जन-केंद्रित दृष्टिकोण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय एकीकृत कैंसर देखभाल केंद्रों, सहयोगात्मक अनुसंधान और समुदाय-आधारित कार्यक्रमों के जरिए यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर नागरिक तक सस्ती और समुचित चिकित्सा सेवा पहुंचे। जाधव ने कहा कि आयुष और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार संभव है।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि देशभर में एकीकृत कैंसर देखभाल पहलों का विस्तार, साक्ष्य-आधारित और रोगी-केंद्रित समाधान को मजबूत करने का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने टीएमसी-एक्ट्रेक, आर्य वैद्यशाला, एम्स और अन्य संस्थानों के साथ साझेदारी की है, जो अनुसंधान, लक्षण प्रबंधन और सहायक चिकित्सा के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा दे रहे हैं।

मंत्रालय मुंबई स्थित टीएमसी-एक्ट्रेक सहित कई उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से एकीकृत कैंसर देखभाल और औषधि खोज को बढ़ावा दे रहा है। वहीं कोट्टक्कल की आर्य वैद्यशाला में पिछले दो वर्षों में 26,000 से अधिक कैंसर रोगियों का इलाज किया गया है, जिनमें 338 फेफड़ों के कैंसर के मरीज शामिल हैं।

मंत्रालय ने दोहराया कि भारत को बढ़ते कैंसर बोझ से निपटने के लिए रोकथाम, शीघ्र निदान और एकीकृत सहायक देखभाल पर निरंतर ध्यान देना चाहिए। जागरूकता अभियान, जांच की पहुंच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कैंसर जोखिम में कमी और मरीजों के जीवन में सुधार संभव है।

कैंसर जागरूकता पर सीसीआरएएस आईईसी प्रकाशन यहां देखा जा सकता है: https://ccras.nic.in/wp-content/uploads/2023/06/Cancer.pdf

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