Election Commission EVM Guidelines: निर्वाचन आयोग ने ईवीएम (EVM) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ईवीएम के बटन पर इत्र, गोंद, टेप, स्याही या किसी भी प्रकार का रसायन लगाना गंभीर चुनावी अपराध की श्रेणी में आएगा। हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता वोटिंग पैटर्न का पता लगाने के लिए उम्मीदवारों के बटन पर खुशबूदार पदार्थ या चिपकाने वाली चीजें लगा देते हैं। चुनाव आयोग ने इसे वोट की गोपनीयता का उल्लंघन और मशीन के साथ छेड़छाड़ मानते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह सख्त दिशा-निर्देश तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में कल यानी 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले आए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर ईवीएम के बटन पर कोई बाहरी पदार्थ लगा पाया जाता है, तो पीठासीन अधिकारी को तुरंत इसकी सूचना रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। चुनाव आयोग के अनुसार, ऐसे मामलों में न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उस विशेष केंद्र पर दोबारा मतदान (री-पोल) का आदेश भी दिया जा सकता है। आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वोटिंग यूनिट के सभी बटन साफ और स्पष्ट रहें।
इसी बीच, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का शोर मंगलवार शाम को थम गया। बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर कल मतदान होना है, जहाँ 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है। प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। गृह मंत्री अमित शाह ने चार बड़ी जनसभाएं कीं, वहीं भाजपा की ओर से हेमा मालिनी और रेखा गुप्ता ने अलग-अलग जिलों में रोड शो किए। अनुराग ठाकुर ने हुगली में मशाल रैली के जरिए युवाओं को साधने की कोशिश की।
तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो गया। प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जैसे दिग्गजों ने राज्य भर में रोड शो और रैलियां कीं। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और अन्नाद्रमुक महासचिव पलानीस्वामी ने भी अपने-अपने गढ़ में पूरी ताकत दिखाई। दोनों ही राज्यों में कल होने वाली वोटिंग के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है।
