Drama During SIT Interrogation: महाराष्ट्र के नासिक में खुद को ‘गॉडमैन’ बताने वाले और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के खिलाफ जांच का दायरा अब आपराधिक मामलों से निकलकर आर्थिक साम्राज्य तक फैल गया है। एसआईटी (SIT) की पूछताछ के दौरान हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता ने इस केस को राज्य के सबसे चर्चित मामलों में से एक बना दिया है।
पूछताछ के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा
बलात्कार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अशोक खरात से जब एसआईटी की टीम पूछताछ कर रही थी, तभी अचानक उसने स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत की। खरात ने सीने में दर्द, तेज सिरदर्द और लगातार उल्टी होने की बात कही, जिसके बाद जांच केंद्र पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कार्डियक एम्बुलेंस बुलाई गई और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों की टीम ने मौके पर ही उसकी गहन जांच की। हालांकि, जांच एजेंसियां इसे पूछताछ से बचने का एक पैंतरा मान रही हैं, क्योंकि दो दिन पहले ही उसके वकीलों ने न्यूरोसर्जन से इलाज की मांग की थी।
अमीर भक्तों और काले धन का नेटवर्क
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) ने बाबा के आर्थिक नेटवर्क की कुंडली खंगाली। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने खरात के संपर्क में रहने वाले बेहद रसूखदार और अमीर भक्तों की एक सूची तैयार की है। संदेह है कि खरात के आश्रम और कई फर्जी बैंक खातों का उपयोग काले धन को सफेद (Money Laundering) करने के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि इन प्रभावशाली भक्तों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जिसके चलते अब इन रसूखदार लोगों को भी समन भेजने की तैयारी है।
15 आपराधिक मामले और आर्थिक घेराबंदी
अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 15 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। शुरुआती जांच बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे संगीन जुर्मों तक सीमित थी, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं, बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने लगीं। 13 अप्रैल को आईटी और ईडी की टीमों ने नासिक, पुणे और शिरडी में खरात के 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और बेनामी संपत्तियों के सुराग मिले थे।
फर्जी खाते और ‘चमत्कारी’ ठगी का खेल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि खरात ने नासिक की दो को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में दर्जनों फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। ये खाते अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर थे, लेकिन उन सभी में खरात खुद नॉमिनी था और उनके मोबाइल अलर्ट भी उसी के नंबर पर आते थे। वह आम वस्तुओं को ‘चमत्कारी’ या ‘आशीर्वाद प्राप्त’ बताकर अपने भक्तों से मोटी रकम ऐंठता था। इस अवैध कमाई को उसने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोफले और उनके बेटों के जरिए बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट और जमीनों में निवेश किया था। फिलहाल, एजेंसियां उन सभी संपत्तियों को चिन्हित कर रही हैं जो इस ठगी के पैसे से खरीदी गई थीं।
