200 Crore Money Laundering Case: ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को दिल्ली की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हुई। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने इस मामले में ‘सरकारी गवाह’ (Approver) बनने की इच्छा जताते हुए याचिका दायर की है, जिस पर जवाब दाखिल करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अतिरिक्त समय की मांग की है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने जांच एजेंसी के इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 मई 2026 की तारीख तय की है।
इससे पहले 17 अप्रैल को अभिनेत्री के वकील द्वारा दी गई अर्जी पर अदालत ने ईडी को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानना चाहा था। ईडी ने अपनी पूरक चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को सह-आरोपी के रूप में नामित किया है। एजेंसी का आरोप है कि जैकलीन ने सुकेश चंद्रशेखर द्वारा ठगी गई रकम से महंगे उपहार और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त किए थे। हालांकि, जैकलीन फर्नांडिस का पक्ष शुरू से ही यह रहा है कि उन्हें सुकेश की वास्तविक पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं थी और उन्हें धोखे में रखकर यह सब किया गया।
क्या सुकेश के राज खोलेंगी जैकलीन?
जैकलीन द्वारा सरकारी गवाह बनने की अर्जी देने के बाद कानूनी गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या वह सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ जांच एजेंसी की मदद करेंगी। भारतीय कानून के तहत यदि कोई आरोपी ‘सरकारी गवाह’ बनता है, तो उसे मामले से जुड़ी सभी अंदरूनी जानकारियां और पुख्ता सबूत जांच एजेंसी को देने होते हैं। बदले में अदालत की अनुमति से उस व्यक्ति को सजा में छूट या आरोपों से राहत मिल सकती है। फिलहाल जैकलीन इस केस में एक आरोपी के तौर पर ही कार्यवाही का सामना कर रही हैं, लेकिन यदि अदालत उनकी अर्जी स्वीकार करती है, तो उनकी कानूनी स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी।
क्या है 200 करोड़ की ठगी का यह मामला?
यह पूरा मामला सुकेश चंद्रशेखर द्वारा जेल के अंदर से चलाए गए एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने खुद को केंद्र सरकार का एक वरिष्ठ अधिकारी बताकर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी। सुकेश ने उन्हें उनके पतियों को जमानत दिलाने का झांसा दिया था, जो फंड डायवर्जन के मामले में अक्टूबर 2019 से जेल में बंद हैं। जांच के दौरान पता चला कि सुकेश ने ठगी की इस रकम का एक बड़ा हिस्सा बॉलीवुड हस्तियों पर खर्च किया और उन्हें महंगे उपहार दिए।
जैकलीन फर्नांडिस के लिए पिछला एक साल कानूनी चुनौतियों भरा रहा है। पिछले साल जुलाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने ईडी की एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया था। अब 8 मई को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि ईडी का जवाब यह तय करेगा कि जैकलीन इस मामले में गवाह बन पाएंगी या उन्हें मुख्य आरोपी सुकेश के साथ मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
