काठमांडू: नेपाल में हाल ही में हुए हिंसक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण देश में भारी उथल-पुथल मच गई है। इन प्रदर्शनों को देखते हुए, नेपाल के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक, पशुपतिनाथ मंदिर को बंद कर दिया गया है और सुरक्षा के लिए नेपाल सेना को तैनात किया गया है। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में युवाओं द्वारा शुरू किए गए थे, जिसे वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है और हिंसा में कम से कम 22 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
Nepal Army has been deployed outside the Pashupatinath Temple.
— The Letter S (@WhyTheLetter_S) September 9, 2025
The Pashupatinath Temple has been completely secured.#Nepalprotest pic.twitter.com/cbXXOKNopj
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नेपाल में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की गई। उन्होंने युवाओं की जान जाने पर गहरी पीड़ा व्यक्त की और नेपाल में शांति तथा स्थिरता के महत्व पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘ हिमाचल प्रदेश और पंजाब से लौटने पर आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम पर चर्चा हुई. नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है. मुझे दुख है कि कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई है. नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. मैं नेपाल के सभी भाइयों और बहनों से विनम्रतापूर्वक शांति का समर्थन करने की अपील करता हूं.’
आज दिनभरीको भ्रमणबाट फर्किएपछि सुरक्षा सम्बन्धी मन्त्रिपरिषद् समितिको बैठकमा नेपालको घटनाक्रमहरुको बारेमा विस्तृत छलफल भयो । नेपालमा भएको हिंसा हृदयविदारक छ । धेरै युवाहरुले आफ्नो ज्यान गुमाउनु परेकोमा मेरो मन अत्यन्तै विचलित छ । नेपालको स्थिरता, शान्ति र समृद्धि अत्यन्त…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 9, 2025
फिलहाल, नेपाल सेना ने काठमांडू में सुरक्षा की कमान संभाल ली है और शहर में उड़ानों को भी निलंबित कर दिया गया है।
