नई दिल्ली: जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) ने आज ‘आदि शपथ’ के दिल्ली चैप्टर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में हुआ और इसमें दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के 20 से अधिक भागीदारों ने हिस्सा लिया, जिनमें सार्वजनिक उपक्रम, निजी कंपनियां, दानदाता संगठन और फाउंडेशन शामिल थे।
यह पहल जनजातीय क्षेत्रों में ध्यान और निवेश को अधिकतम करने के लिए मंत्रालय द्वारा किए गए व्यापक जनभागीदारी प्रयासों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) दाताओं, स्वयंसेवी संगठनों, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय एजेंसियों को जनजातीय लोगों की आकांक्षाओं के साथ जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाना है।
सत्र में जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न भागीदारों द्वारा चल रही परियोजनाओं पर प्रकाश डाला गया और जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण की भूमिका पर जोर दिया गया। इस सत्र में चल रही परियोजनाओं को प्रदर्शित करने और संगठित तरीके से अधिक अवसर प्रस्तुत करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर के मंच के निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
🤝Adi ShaPaTH: Shaping partnership for tribal happiness.🌱
— Ministry of Tribal Affairs, Govt. of India (@TribalAffairsIn) July 22, 2025
On 21st July 2025, the Ministry of Tribal Affairs hosted the Delhi Chapter of Adi ShaPaTH – an interactive stakeholder meet at Dr. Ambedkar International Centre, New Delhi.
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This vibrant gathering brought together 20+… pic.twitter.com/bn1M3hG8QW
उद्योग प्रतिनिधियों ने मंत्रालय के साथ सहयोग करने और अपनी चल रही परियोजनाओं का दायरा राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाने के लिए उत्साह व्यक्त किया। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे क्षेत्रों को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया।
इस बैठक में जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और एनएसटीएफडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री टी. रूमुआन पैते और जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडे सहित मंत्रालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ऑयल इंडिया, हुडको, गेल, टाटा ट्रस्ट, गेट्स फाउंडेशन, अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन, एचसीएल टेक्नोलॉजी, भारती एयरटेल आदि कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
