Bengal Election 2026: दूसरे चरण के मतदान में भारी हिंसा; नदिया में बीजेपी एजेंट पर हमला, शांतिपुर में दफ्तर फूंका

West Bengal Poll Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान बुधवार सुबह कई इलाकों से हिंसा, तोड़फोड़ और तनाव की खबरें सामने आईं। राज्य के नदिया, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ समेत कई क्षेत्रों में मतदान शुरू होते ही राजनीतिक टकराव की घटनाओं ने चुनावी माहौल को गरमा दिया।

बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण के मतदान में भारी हिंसा
बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण के मतदान में भारी हिंसा

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से अशांति और टकराव की खबरें सामने आई हैं। नादिया, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जैसे संवेदनशील जिलों में मतदान शुरू होने के साथ ही हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गईं। अधिकारियों के मुताबिक, चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ जैसे इलाकों से मारपीट और पोलिंग एजेंटों को रोके जाने की शिकायतें मिली हैं।

पोलिंग एजेंट पर हमला और भाजपा का आरोप

नादिया जिले के चापड़ा (बूथ संख्या 53) में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा के एक पोलिंग एजेंट, मुशर्रफ मीर पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थकों ने हमला कर दिया। भाजपा प्रत्याशी सैकत सरकार ने आरोप लगाया कि मॉक पोल के दौरान करीब 15-16 बदमाशों ने लोहे की रॉड और बंदूकों के साथ एजेंट को निशाना बनाया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई है। वहीं, शांतिपुर में भाजपा के एक कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जहां फर्नीचर को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया।

ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच वार-पलटवार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर ‘गुंडागर्दी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी में टीएमसी कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है और कई नेताओं को रातभर चली कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। दूसरी ओर, नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी हार के डर से बौखला गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी मतदाता डराने-धमकाने का काम कर रही है, जिसे केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) बखूबी नियंत्रित कर रहे हैं।

भांगड़ और अन्य इलाकों में तनाव

दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को बूथ में प्रवेश करने से रोका जा रहा है और महिलाओं को वोट डालने में बाधा पहुंचाई जा रही है। आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं से फॉर्म छीने गए। वहीं, निमतला में ईवीएम की खराबी और देरी से मतदान शुरू होने के कारण मतदाताओं में भारी रोष देखा गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने सभी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्ट मांगी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायमंड हार्बर और फाल्टा जैसे इलाकों में केंद्रीय बलों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भारी तैनाती की गई है। उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी अजय पाल शर्मा खुद फाल्टा में गश्त करते नजर आए। गौरतलब है कि इस चरण में 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट भी शामिल है। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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