प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 30 सितंबर 2026 को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई अहम क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। बातचीत में ट्रेड, डिफेंस, एनर्जी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत को “productive” बताया और कहा कि दोनों देश अपनी Comprehensive Global Strategic Partnership को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा के साथ आपसी हित से जुड़े अन्य विषयों पर भी बातचीत हुई।
मोदी-ट्रंप की यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के दौरे पर हैं। उनके दौरे का उद्देश्य प्रस्तावित Bilateral Trade Agreement पर बातचीत को आगे बढ़ाना और एक संभावित interim trade arrangement की दिशा में काम करना है।
Had a productive conversation with President Trump. We reviewed our bilateral cooperation in trade, defence, energy, critical technologies and other areas. We agreed to maintain close engagement to take our Comprehensive Global Strategic Partnership forward.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2026
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अमेरिका में पीयूष गोयल अमेरिकी अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। भारत ऐसे व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है जिसे वह संतुलित और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी बताता है। हालांकि, बातचीत के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद भी बने हुए हैं। इनमें रूस से भारत की ऊर्जा खरीद और उससे जुड़े अमेरिकी टैरिफ एवं प्रतिबंधों के मुद्दे शामिल हैं। Reuters के अनुसार, भारत ने अमेरिका को आगाह किया है कि रूस से तेल खरीद को लेकर उठाए गए अमेरिकी कदम दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।
रूस से ऊर्जा खरीद भारत-अमेरिका संबंधों में एक संवेदनशील विषय बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, मोदी और ट्रंप की फोन पर हुई बातचीत के बाद जारी आधिकारिक जानकारी में रूस से तेल खरीद या किसी विशेष टैरिफ विवाद का अलग से उल्लेख नहीं किया गया। आधिकारिक विवरण में ट्रेड, डिफेंस, एनर्जी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में सहयोग की व्यापक समीक्षा की बात कही गई है।
ऊर्जा क्षेत्र भी दोनों देशों के व्यापक सहयोग का अहम हिस्सा रहा है। फोन पर बातचीत में एनर्जी का मुद्दा शामिल होने के बीच व्यापार और ऊर्जा से जुड़े विषयों पर चल रही बातचीत पर भी नजर बनी हुई है। भारत के लिए ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति, आपूर्ति की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण विषय हैं।
क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों में आधुनिक और महत्वपूर्ण तकनीकों से जुड़े सहयोग का दायरा लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी क्रिटिकल टेक्नोलॉजी को फोन बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल किया।
बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जारी प्रयासों पर चर्चा की। हालांकि, आधिकारिक जानकारी में किसी एक विशेष क्षेत्रीय विवाद को लेकर दोनों नेताओं की विस्तृत बातचीत का विवरण नहीं दिया गया है।
फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बातचीत को “productive conversation” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने ट्रेड, डिफेंस, एनर्जी, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। मोदी के मुताबिक, दोनों देशों ने Comprehensive Global Strategic Partnership को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
मोदी-ट्रंप की यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच एक ओर रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के कई क्षेत्र मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर व्यापार और रूस से ऊर्जा खरीद जैसे विषयों पर बातचीत जारी है। फिलहाल दोनों देशों के बीच ट्रेड वार्ता में प्रस्तावित Bilateral Trade Agreement और interim arrangement से जुड़े मुद्दों पर आगे की बातचीत महत्वपूर्ण रहेगी। इसके साथ डिफेंस, एनर्जी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में सहयोग भी भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक एजेंडे का हिस्सा बना रहेगा।
