जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक कैंप से आपसी गोलीबारी की दर्दनाक घटना सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बसोली क्षेत्र के मशका इलाके में स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट परिसर में तैनात एक जवान ने कथित तौर पर विवाद के बाद अपने ही साथियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस दुखद घटना में एक असिस्टेंट कमांडेंट और एक सब-इंस्पेक्टर समेत कुल चार सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई।
घटना का विवरण और प्रभावित जवान
यह घटना शाम करीब 6:40 बजे की बताई जा रही है, जब क्विक रिएक्शन टीम (QRT) की ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल (GD) अवधेश कुमार सिंह पर अपनी इंसास या AK-47 सरकारी राइफल से गोलियां चलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास करीब 150 राउंड गोला-बारूद मौजूद था और आपसी कहासुनी या विवाद के बाद उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे कैंप में अफरा-तफरी मच गई।
गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल चारों जवानों को तुरंत इलाज के लिए पास में स्थित हिमाचल प्रदेश के NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुँच गईं और पूरे कैंप परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जवान अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और इस्तेमाल किए गए हथियार को भी कब्जे में ले लिया है।
फिलहाल घटना के सटीक कारणों और उन परिस्थितियों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है जिनके चलते यह गोलीबारी हुई। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि आपसी विवाद की मूल वजह का पता लगाया जा सके।
