तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक स्थित केशम द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरजमीं या हितों के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा। अमेरिकी सेना की ओर से किए गए हमलों के बाद ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने अधिकारों को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
अराघची ने बुधवार तड़के जारी बयान में कहा कि अमेरिका युद्ध के मैदान में असफल रहने के बावजूद अब ईरान के धैर्य और संकल्प की परीक्षा लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी हमले, दबाव या धमकी का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने अमेरिका से क्षेत्र छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि वह अपने सैनिकों और सैन्य संसाधनों की सुरक्षा चाहता है तो उसे फारस की खाड़ी के आसपास अपनी मौजूदगी कम करनी चाहिए।
विदेशी सेनाओं पर हमेशा बना रहता है खतरा
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि फारस की खाड़ी का इतिहास इस बात का गवाह है कि बाहरी ताकतों को इस क्षेत्र में लंबे समय तक टिके रहने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक, विदेशी सैन्य बल यहां हमेशा जोखिम में रहते हैं। यह खतरा किसी तकनीकी गलती, दुर्घटना या फिर अचानक पैदा हुए सैन्य टकराव के कारण भी सामने आ सकता है।
अराघची ने कहा कि अमेरिका के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प यही है कि वह इस क्षेत्र से दूरी बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह अन्य सभी विकल्पों का इस्तेमाल करने में भी सक्षम है। उनके अनुसार, यदि हालात मजबूर करते हैं तो ईरान सैन्य स्तर पर भी जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
‘हमारी सेना हर हमले का जवाब देगी’
अपने बयान में अराघची ने कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर ईरान की सहनशीलता को चुनौती देने की कोशिश की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी सेना किसी भी आक्रामक कार्रवाई को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। उनके मुताबिक, देश की सैन्य ताकत किसी भी प्रकार के हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
होर्मुज पर ईरान और ओमान का अधिकार: अराघची
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की बढ़ती गतिविधियों पर भी ईरानी विदेश मंत्री ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कोई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं है, बल्कि इस पर ईरान और ओमान का अधिकार है। अराघची ने कहा कि बाहरी शक्तियों को यहां हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है और ईरान अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी तरह की दखलअंदाजी को स्वीकार नहीं करेगा।
इस बीच ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केशम द्वीप क्षेत्र में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। दूसरी ओर अमेरिकी सेना का कहना है कि ओमान के तट के निकट उसके अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हेलीकॉप्टर हादसे के लिए तेहरान को जिम्मेदार ठहरा चुके थे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम मार्ग माना जाता है, ऐसे में यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महसूस किया जा सकता है।
