UP Weather Alert: पश्चिमी यूपी में अगले 3 घंटे बेहद भारी, IMD ने जारी किया महातूफान का ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’

IMD weather alert: उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बेहद खतरनाक और रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में अगले तीन घंटों के भीतर एक अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी तूफान आने की आशंका जताते हुए ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’ जारी किया है।

शनिवार शाम पांच बजकर सत्रह मिनट पर जारी किए गए इस आपातकालीन बुलेटिन के अनुसार, क्षेत्र में साठ से नब्बे किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, मूसलाधार बारिश होने और बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि होने की गंभीर संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद पूरे प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है।

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई इस त्वरित चेतावनी का सबसे व्यापक और सीधा असर अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मथुरा और मेरठ क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इन सभी जिलों के निवासियों से प्रशासन ने तुरंत अत्यधिक सावधानी बरतने की जोरदार अपील की है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नब्बे किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आने वाली ये हवाएं कच्चे और कमजोर मकानों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए आंधी के दौरान किसी भी पेड़ या जर्जर इमारत के नीचे रुकना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, इस भीषण तूफान के कारण पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप होने और मोबाइल व इंटरनेट जैसी संचार व्यवस्थाएं पूरी तरह बाधित होने की भी आशंका है, जबकि आकाशीय बिजली और भारी ओलावृष्टि से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग और गाजियाबाद के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए बेहद जरूरी और जीवन रक्षक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि इस भयानक तूफान के दौरान लोग पूरी तरह से अपने घरों के अंदर ही रहें और खुले मैदानों, छतों पर जाने अथवा अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें।

घर के भीतर रहते समय भी सभी प्रकार के विद्युत उपकरणों को बंद कर दें और धातु की वस्तुओं से उचित दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही हाईवे और फ्लाईओवर पर गाड़ी चलाना तुरंत बंद कर दें, क्योंकि तेज हवाओं में वाहनों के पलटने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों से भी कहा गया है कि वे अपने मवेशियों और कीमती कृषि उपकरणों को तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के ठिकाने पर पहुंचा दें।

इसके अलावा, जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने जनपदवासियों को सतर्क करते हुए कुछ अन्य महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि लोग मौसम के ताजा अपडेट के लिए रेडियो, टेलीविजन और सोशल मीडिया के आधिकारिक चैनलों पर नजर रखें तथा अपने मोबाइल में सरकार द्वारा संचालित “सचेत” ऐप जरूर डाउनलोड कर लें।

आंधी-पानी के समय भूलकर भी धातु की डंडी वाले छाते का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह बिजली को तेजी से आकर्षित करता है। बिजली के तारों और खंभों से दूर रहें और खेतों में कटी हुई फसलों को तिरपाल या सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन चिकित्सीय सहायता की स्थिति में लोग तुरंत टोल फ्री नंबर एक सौ आठ या एक सौ दो पर संपर्क कर सकते हैं।

उत्तर भारत में प्री-मानसून की ये गतिविधियां अब अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं, जिससे निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आपातकालीन सेवाओं व रेस्क्यू टीमों को स्टैंडबाय पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है, क्योंकि इस महातूफान के समय आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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