IPL 2026: आईपीएल 2026 में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर ने एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए। उनकी बल्लेबाजी से प्रभावित होकर खुद क्रिस गेल ने भी उनकी जमकर तारीफ की है।
मुल्लांपुर में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 12 छक्के और 5 चौके लगाए। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। वैभव ने इसी मुकाबले में आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने सीजन में कुल 65 छक्के पूरे किए और क्रिस गेल के 59 छक्कों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
वैभव की इस पारी के बाद क्रिस गेल ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “क्या शानदार खिलाड़ी है वैभव… शानदार एंटरटेनमेंट यंग मैन। न्यू सिक्स मशीन।” ब्रॉडकास्टर्स ने भी मजेदार अंदाज में उन्हें “यूनिवर्सल बेबी बॉस” कहा।

मैच से पहले हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने कहा था कि उनकी टीम ने वैभव को रोकने के लिए खास रणनीति तैयार की है। लेकिन मैदान पर युवा बल्लेबाज ने हर योजना को नाकाम कर दिया। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और कमिंस की गेंदों पर लगातार बड़े शॉट लगाए। तेज बाउंसर, यॉर्कर और स्लोअर गेंदों के बावजूद वैभव बेखौफ बल्लेबाजी करते रहे।
उन्होंने केवल 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर आईपीएल प्लेऑफ में सबसे तेज फिफ्टी के सुरेश रैना के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। पावरप्ले खत्म होने तक वैभव 20 गेंदों पर 60 रन बना चुके थे। इसी दौरान उन्होंने आईपीएल इतिहास में 200 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ एक सीजन में 600 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।
वैभव इतिहास का सबसे तेज आईपीएल शतक लगाने के बेहद करीब पहुंच गए थे। वह 28 गेंदों में 97 रन बनाकर खेल रहे थे और उन्हें शतक तक पहुंचने के लिए सिर्फ एक बड़े शॉट की जरूरत थी। लेकिन तभी गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे की शॉर्ट गेंद पर वह कैच आउट हो गए। उनके आउट होते ही पूरा मुल्लांपुर स्टेडियम खड़ा होकर तालियां बजाने लगा। यहां तक कि विपक्षी टीम के खिलाड़ी भी उनकी पीठ थपथपाते नजर आए।
हालांकि वैभव खुद अपनी पारी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। पवेलियन लौटते समय वह निराश नजर आए और डगआउट में जाकर शांत बैठ गए। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें रिकॉर्ड्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उनका पूरा ध्यान सिर्फ टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर था। उन्होंने कहा, “मुझे बाद में पता चला। मेरा फोकस सिर्फ टीम के लिए रन बनाने पर था। सेंचुरी आगे भी आएंगी।”
सिर्फ 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ वैभव सूर्यवंशी बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का सामना कर रहे हैं, उसने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
