West Bengal Election 2026: शिक्षा जगत के चर्चित चेहरे और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता अवध ओझा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के सटीक आकलन में बुरी तरह विफल रहे। ओझा को इस बात का गहरा विश्वास था कि राज्य में एक बार फिर ममता बनर्जी की सरकार बनने जा रही है। उनकी यह सुनिश्चितता इस कदर थी कि उन्होंने आधिकारिक नतीजों से पहले ही ममता बनर्जी को जीत की अग्रिम बधाई तक दे दी थी। हालांकि, अगले 24 घंटों में जैसे ही चुनावी तस्वीर साफ हुई, उन्हें सोशल मीडिया पर अपना रुख पूरी तरह बदलना पड़ा।
सोमवार को आए परिणामों ने बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी। 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जनता ने विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 207 सीटों के प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार बंगाल की सत्ता पर काबिज होने में सफल रही। टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई। 2016 में महज 3 सीटें जीतने वाली भाजपा की इस छलांग ने अवध ओझा जैसे कई राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।
अवध ओझा ने मतगणना से एक दिन पहले ही ममता बनर्जी की जीत का दावा करते हुए लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी को भी ‘दीदी’ की कीमत पता है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था, ‘TMC और ममता दीदी को बंगाल के विजय की अग्रिम बधाई। मोदीजी को ममता दीदी की कीमत पता हैं। जय हिंद’। लेकिन जब रुझानों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत दिखने लगी, तो ओझा ने फौरन अपनी बात घुमा ली। उन्होंने भाजपा को बधाई देते हुए नया तर्क दिया कि “जनता को सरकारों को बदलते रहना चाहिए।”
पटपड़गंज सीट से चुनाव लड़ चुके और राजनीति में एक छोटी पारी खेलने वाले अवध ओझा अक्सर अपने कोचिंग सत्रों में राजनीति और कूटनीति पर चर्चा करते हैं। हालांकि, राजनीति से संन्यास लेने के बाद भी उनकी राजनीतिक टिप्पणियां अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। इस बार बंगाल के नतीजों पर उनकी जल्दबाजी और फिर अचानक बदला हुआ बयान सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लोग उनकी इस “पलटी” को लेकर उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं।
