Bengal Election Counting Row: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बड़ा बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर जानबूझकर मतगणना धीमी करने और भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
ममता बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंट्स से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी हालत में मतगणना केंद्र न छोड़ें और पूरी सतर्कता के साथ डटे रहें। उन्होंने दावा किया कि जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक अब तक केवल 13 प्रतिशत वोटों की गिनती हुई है, जबकि चुनाव आयोग जानबूझकर गिनती की रफ्तार धीमी कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर मतगणना रोक दी गई है।
मतगणना शुरू होने से पहले रात में भी ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों से उन्हें जानकारी मिल रही है कि कई जगहों पर जानबूझकर बिजली काटी जा रही है। हुगली के श्रीरामपुर, नदिया के कृष्णानगर, बर्दवान के औसग्राम और कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र समेत कई इलाकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से बिजली गुल की जा रही है और सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा रहे हैं।
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— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 4, 2026
ममता बनर्जी ने दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर और बाहर संदिग्ध तरीके से वाहनों की आवाजाही भी देखी गई है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस तरह वह खुद पूरी रात जागकर नजर रख रही हैं, उसी तरह सभी कार्यकर्ता भी जागते रहें और वोटों की सुरक्षा करें।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अगर कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत उसे घेरें, शिकायत दर्ज कराएं और सीसीटीवी फुटेज की मांग करें। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है।
ममता के इन आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। अब चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जबकि मतगणना का सिलसिला जारी है।
