West Bengal Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने न केवल बंगाल बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। सोमवार, 4 मई को मतगणना के दौरान जैसे ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रुझानों में बहुमत का आंकड़ा पार किया, इंदौर स्थित भाजपा कार्यालय में उत्सव का माहौल बन गया। इस ऐतिहासिक मौके पर पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने आंसू नहीं रोक पाए। मीडिया से बातचीत के दौरान वे काफी भावुक नजर आए और कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि यह पल उनके लिए इतना व्यक्तिगत और भावनात्मक होगा।
कैलाश विजयवर्गीय, जिन्होंने लंबे समय तक बंगाल में भाजपा के प्रभारी के रूप में काम किया था, ने इन रुझानों को “देश के लिए एक तोहफा” बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से बंगाल में जो अराजकता और भय का माहौल था, जनता ने अब उसे उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है। उन्होंने ममता बनर्जी के शासन को “जंगल राज” की संज्ञा देते हुए कहा कि वहां लोकतंत्र को लगातार कुचला गया और विपक्षी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया। विजयवर्गीय ने याद किया कि कैसे बंगाल में सक्रिय रहने के दौरान उन पर दुष्कर्म और चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर और निराधार आरोप लगाए गए थे, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध की एक सोची-समझी साजिश बताया।
दोपहर तक के रुझानों के अनुसार, भाजपा बंगाल की 294 सीटों में से करीब 195 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) 93 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है। इस प्रचंड बढ़त के बाद इंदौर में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया। विजयवर्गीय ने इस दौरान क्षेत्रीय दलों के नेताओं, विशेषकर एम.के. स्टालिन और अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने अब सुशासन और विकास के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि बंगाल में यह “सत्ता परिवर्तन” राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदलने वाला साबित होगा। विजयवर्गीय ने भावुक स्वर में कहा कि वर्षों के संघर्ष और कार्यकर्ताओं के बलिदान का फल आज उन्हें इस जीत के रूप में मिल रहा है। फिलहाल मतगणना जारी है, लेकिन भाजपा खेमे में इस बात का पूरा भरोसा है कि बंगाल में पहली बार “कमल” पूरी शान के साथ खिलने जा रहा है।
