West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बीच तृणमूल कांग्रेस नेता और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम एक नए विवाद में घिर गए हैं। मतदान के बाद उन्होंने अपने परिवार के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, लेकिन इस फोटो में उनकी नन्हीं पोती की उंगली पर भी मतदान वाली स्याही का निशान दिखाई देने के बाद राजनीतिक बवाल शुरू हो गया। तस्वीर वायरल होते ही विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं और भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है।
यह मामला उस समय सामने आया जब बुधवार को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग हो रही थी। फिरहाद हकीम खुद कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। वोट डालने के बाद उन्होंने परिवार के साथ तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनकी पोती भी नजर आई। फोटो में बच्ची की उंगली पर स्याही का निशान साफ दिखने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई।
With family by my side, exercised the most important right we have as citizens.
— FIRHAD HAKIM (@FirhadHakim) April 29, 2026
Do cast your vote.. pic.twitter.com/PpoxOl7Vig
विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक नाबालिग बच्ची की उंगली पर मतदान वाली स्याही कैसे लग सकती है। भाजपा समर्थकों ने इसे फर्जी मतदान का संकेत बताते हुए चुनाव आयोग से जांच की मांग की है।
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तृणमूल नेता फिरहाद हकीम पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। उन्होंने कहा कि एक नाबालिग बच्ची की उंगली पर स्याही लगवाना बेहद गंभीर मामला है। अमित मालवीय ने यह भी कहा कि छोटे बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में घसीटना अनुचित है और इससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच सकता है।
I do not wish to drag the little girl into politics, but did Trinamool’s Firhad Hakim misuse his position as Mayor of Kolkata to get the minor girl’s finger inked? It is deeply concerning that such actions may inculcate wrong values and undermine our democratic traditions.… https://t.co/MAuPTELLhs pic.twitter.com/alyI321JPr
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 29, 2026
सोशल मीडिया पर भी इस तस्वीर को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे लोकतंत्र का मजाक बताया। कई लोगों ने मांग की कि चुनाव आयोग तुरंत मामले की जांच करे और सच्चाई सामने लाए।
उधर, कोलकाता पोर्ट सीट पर मुकाबला पहले से ही काफी चर्चित माना जा रहा है। मतदान के दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल की खबरें भी सामने आई थीं। फिरहाद हकीम ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। अब इस वायरल तस्वीर ने उन्हें खुद विपक्ष के निशाने पर ला दिया है।
फिलहाल इस मामले पर फिरहाद हकीम या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई है।
