ईरान के पहाड़ों में SEAL Team 6 का बड़ा प्रहार, लादेन को मारने वाली यूनिट ने दुश्मन की धरती से निकाला अपना जांबाज

अमेरिका ने ईरान में एक जोखिम भरे बचाव अभियान के तहत F-15E विमान से उतरे क्रू सदस्य को सुरक्षित निकाल लिया है। रविवार सुबह दक्षिण-पश्चिम ईरान के जाग्रोस पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ घाटियों में अमेरिकी कमांडो ने अपनी एयरफोर्स के घायल अफसर तक पहुंच बनाकर उसे वापस लाया।

वॉशिंगटन: अमेरिकी नौसेना की सबसे घातक और चुनिंदा यूनिट ‘सील टीम-6’ (SEAL Team 6) ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ईरान के दुर्गम जाग्रोस पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ घाटियों में फंसे अपने एक घायल जांबाज को सुरक्षित निकालकर इस टीम ने दुनिया को हैरान कर दिया है। रविवार सुबह अंजाम दिए गए इस जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिकी कमांडो ने क्रैश हुए F-15E विमान के क्रू सदस्य को ईरान की धरती से सुरक्षित बाहर निकाला। यह वही यूनिट है जिसने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में घुसकर दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को ढेर किया था।

दिलचस्प बात यह है कि सील टीम-6 के वजूद और ईरान के बीच एक बहुत ही गहरा और पुराना रिश्ता है। इस टीम के गठन की कहानी 1980 के उस दौर से शुरू होती है, जब ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद 52 अमेरिकी नागरिकों को बंधक बना लिया गया था। उस समय अमेरिका ने ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के जरिए उन्हें छुड़ाने की कोशिश की थी, लेकिन वह मिशन बुरी तरह नाकाम रहा। एक हेलीकॉप्टर के परिवहन विमान से टकराने के कारण 8 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और सेना को पीछे हटना पड़ा। उस शर्मनाक हार के बाद ही अमेरिका ने एक ऐसी ‘टियर वन’ स्पेशल यूनिट बनाने का फैसला किया, जो दुनिया के किसी भी कोने में जाकर नामुमकिन को मुमकिन कर सके।

खतरनाक मिशनों की विशेषज्ञ

सील टीम-6 को केवल उन्हीं ऑपरेशंस के लिए चुना जाता है जहां जोखिम सबसे ज्यादा होता है। आधिकारिक तौर पर यह अमेरिकी नौसेना का हिस्सा है, लेकिन इसका नियंत्रण ‘ज्वाइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड’ के पास होता है। इसके सदस्यों का चुनाव और ट्रेनिंग इतनी कठिन होती है कि केवल गिने-चुने जांबाज ही इसमें जगह बना पाते हैं। इन्हें हर मौसम और हर तरह की भौगोलिक परिस्थिति—चाहे वह पहाड़ हों, रेगिस्तान हो या समुद्र—में लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। 2009 में सोमाली समुद्री लुटेरों के चंगुल से कैप्टन रिचर्ड फिलिप्स को छुड़ाना हो या अफगानिस्तान और इराक के गुप्त मिशन, इस टीम ने हर बार अपनी श्रेष्ठता साबित की है।

ईरान में पूरा हुआ ‘इतिहास का चक्र’

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस हालिया रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही सील टीम-6 का एक ऐतिहासिक चक्र पूरा हो गया है। जिस यूनिट का जन्म ईरान में मिली एक हार और नाकामी की राख से हुआ था, उसी यूनिट ने आज उसी ईरान की सरजमीं पर घुसकर एक सफल और बेहद पेचीदा मिशन को अंजाम दिया है। हालांकि अमेरिकी सेना इस टीम के बारे में सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी साझा करती है, लेकिन इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सील टीम-6 आज भी अमेरिका का सबसे अचूक हथियार है। फिलहाल, सुरक्षित निकाले गए वायुसेना के अफसर का इलाज चल रहा है और इस मिशन की सफलता ने मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी हौसलों को नई उड़ान दी है।

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