पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए ईरान के ऊर्जा संयंत्रों (Power Plants) पर होने वाले संभावित हमलों को 10 दिनों के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर इसकी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला तेहरान के विशेष अनुरोध और जारी कूटनीतिक बातचीत में हो रही प्रगति को देखते हुए लिया गया है।
6 अप्रैल तक टला हमलों का खतरा
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में जानकारी दी कि वे ईरानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने की समयसीमा को सोमवार, 6 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक के लिए बढ़ा रहे हैं। इससे पहले यह रोक शनिवार को समाप्त होने वाली थी। ट्रंप ने कहा, “ईरानी सरकार के अनुरोध पर, कृपया इस बयान को इस बात का प्रतीक मानें कि मैं हमलों की अवधि को 10 दिनों के लिए रोक रहा हूँ।” उन्होंने ‘फेक न्यूज मीडिया’ पर निशाना साधते हुए यह भी दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है।
"As per Iranian Government request, please let this statement serve to represent that I am pausing the period of Energy Plant destruction by 10 Days to Monday, April 6, 2026, at 8 P.M., Eastern Time. Talks are ongoing and, despite erroneous statements to the contrary by the Fake… pic.twitter.com/LEURAJnRta
— The White House (@WhiteHouse) March 26, 2026
होर्मुज से 10 टैंकरों का गुजरना ‘ईरानी तोहफा’
व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरान के एक हालिया कदम की जमकर सराहना की। उन्होंने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से 10 तेल टैंकरों को गुजरने देने के ईरान के फैसले को एक “तोहफा” करार दिया। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने यह कदम अमेरिका को अपनी गंभीरता और युद्ध खत्म करने की वास्तविक इच्छा दिखाने के लिए उठाया है। गौरतलब है कि होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिससे शेयर बाजारों में गिरावट और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा गया था।
कूटनीति की आखिरी उम्मीद?
हालांकि हमलों पर रोक लगा दी गई है, लेकिन सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 10 दिन बेहद निर्णायक होंगे। यदि 6 अप्रैल तक कूटनीतिक स्तर पर कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो सैन्य टकराव बढ़ने की संभावना फिर से प्रबल हो जाएगी। विशेष रूप से तब, जब होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण और अमेरिकी प्रतिबंधों का मुद्दा अनसुलझा बना हुआ है। फिलहाल, ट्रंप की इस घोषणा ने वैश्विक बाजार और तेल की बढ़ती कीमतों को थोड़ी राहत जरूर दी है।
भारत समेत मित्र देशों को भी लाभ
ईरान द्वारा होर्मुज के रास्ते को सीमित रूप से खोलने और ट्रंप द्वारा हमलों को टालने से भारत जैसे देशों के लिए भी उम्मीद की किरण जगी है। जैसा कि पहले बताया गया था, भारत के करीब 20 जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए थे, जिन्हें अब सुरक्षित रास्ता मिलने की संभावना बढ़ गई है। ट्रंप का यह नरम रुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा ‘ब्रेकथ्रू’ साबित हो सकता है।
