अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए नए सैन्य हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के चाबहार पोर्ट स्थित शाहिद बेहेश्ती पोर्ट टर्मिनल और चीन-ईरान को जोड़ने वाले एक रणनीतिक रेलवे पुल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। इन दोनों परियोजनाओं से भारत और चीन के महत्वपूर्ण आर्थिक और व्यापारिक हित जुड़े हुए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी मिसाइल हमलों में चाबहार स्थित शाहिद बेहेश्ती पोर्ट टर्मिनल को नुकसान पहुंचा है। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, कई मिसाइलें टर्मिनल पर गिरीं, जिससे वहां का बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमलों में वेसल ट्रैफिक कंट्रोल टावर, कलंतरी पोर्ट और ओमान की खाड़ी स्थित इस पोर्ट सिटी का बिजली ढांचा भी प्रभावित हुआ। हमले के बाद शहर के लगभग आधे हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात भी सामने आई है। शाहिद बेहेश्ती डॉक पर कई प्रोजेक्टाइल गिरने से बंदरगाह के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ईरान ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है।
भारत के लिए शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस टर्मिनल का संचालन भारत 10 वर्षीय समझौते के तहत कर रहा है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच प्रदान करता है और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का भी अहम हिस्सा है। यदि यह बंदरगाह लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापारिक योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
रूस की समाचार एजेंसी स्पूतनिक के अनुसार, भारत ने इस टर्मिनल के विकास के लिए 2015 में एक समझौता ज्ञापन (MoU) और 2024 में 10 साल का समझौता किया था। भारत अब तक इस परियोजना में 120 मिलियन डॉलर का निवेश कर चुका है, जबकि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए 500 मिलियन डॉलर के समझौते की घोषणा की थी। वहीं, 2024 में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शाहिद बेहेश्ती पोर्ट टर्मिनल के विकास के लिए ईरान के बंदरगाह एवं समुद्री संगठन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
उधर, ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस को जोड़ने वाले एक रणनीतिक रेलवे पुल को भी निशाना बनाया है। एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार सुबह पूर्वोत्तर गोलेस्तान प्रांत में स्थित ओगटे खान रेलवे पुल पर क्रूज़ मिसाइल से हमला किया गया, जिससे पुल को नुकसान पहुंचा।
बताया गया है कि यह पुल चीन, तुर्कमेनिस्तान और ईरान को जोड़ने वाले रेलवे कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी मार्ग का उपयोग ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के दौरान रूस को माल भेजने के लिए भी किया जाता रहा है। ईरानी एजेंसियों के अनुसार, पुल की मरम्मत का कार्य जल्द पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
हमले के बाद ईरान ने तेहरान और पूर्वोत्तर शहर मशहद के बीच यात्री रेल सेवाएं रोक दी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे लाइन के एक हिस्से पर हमला हुआ था। ईरान की सरकारी रेलवे ने कहा है कि मरम्मत दलों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है और फंसे हुए यात्रियों को सड़क मार्ग से मशहद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
