एक समय ‘लेडी सिंघम’ के रूप में पहचान बनाने वाली मध्य प्रदेश पुलिस की निलंबित डीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हत्या के एक मामले में आरोपी को बचाने के बदले करोड़ों रुपये की कीमती जमीन सस्ते दामों में बिकवाने के गंभीर आरोपों का सामना कर रही नेहा पच्चीसिया फिलहाल फरार चल रही हैं। पुलिस ने उन पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। मामले में ताजा घटनाक्रम के तहत पीड़ित पक्ष ने कटनी कोर्ट में याचिका दायर कर निलंबित महिला अधिकारी और उनके सहयोगियों को भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की मांग की है।
अदालती प्रक्रिया के तहत 29 अगस्त 2026 को जिला अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही नेहा पच्चीसिया लगातार फरार हैं। पुलिस की विशेष टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पीड़ित आकाश लोधी द्वारा अदालत में प्रस्तुत आवेदन में कहा गया है कि आरोपी अधिकारी जानबूझकर कानून की प्रक्रिया से भाग रही हैं, इसलिए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए जाने चाहिए। कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में पदस्थापना के दौरान उन पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे थे।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की मूल निवासी नेहा पच्चीसिया के पिता एक शिक्षक हैं। वर्ष 2016 की एमपीपीएससी (MPPSC) परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल कर डीएसपी बनने से पूर्व वह एक एयर होस्टेस के रूप में कार्यरत थीं। पुलिस सेवा में आने के बाद अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली नेहा पच्चीसिया का विवादों से पुराना नाता रहा है। व्यक्तिगत जीवन में पारिवारिक विवादों के अलावा, अपनी पेशेवर सेवाएं देने के दौरान भी वह लगातार सुर्खियों में बनी रहीं।
फरवरी 2021 में गुना जिले से स्थानांतरण होने पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तत्कालीन ग्वालियर रेंज के आईजी अविनाश शर्मा के खिलाफ विवादित पोस्ट शेयर की थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया था। कभी पुलिस महकमे में अपनी सख्त छवि के लिए पहचानी जाने वाली अधिकारी के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा पूरी तरह कसता जा रहा है।
