अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए नए आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किए जाने के बाद तेहरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान सरकार ने देश में मौजूद आर्थिक चुनौतियों और मुश्किलों को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया है कि वह इन नए अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिका ने ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क तक पहुंच और उसकी कमाई के साधनों को पूरी तरह से ठप करने के उद्देश्य से लगभग 60 लोगों, व्यावसायिक संस्थाओं और मालवाहक जहाजों पर नए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इसके जवाब में ईरानी नेतृत्व का कहना है कि पूरा देश एकजुट होकर समझदारी के साथ इस आर्थिक संकट से बाहर निकलने में सफल होगा।
ईरानी सरकार की आधिकारिक प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा कि सरकार और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन मजबूत इरादे तथा समझदारी के साथ देश को इस मुश्किल समय से बाहर निकालने में लगे हैं। उन्होंने माना कि देश के सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां हैं, लेकिन सही फैसलों के जरिए इन मुश्किलों से निपटा जा सकता है।
वहीं, ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदनीजादेह ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया कि अमेरिका ईरान की आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह रोकने में कभी कामयाब नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति पेजेशकियन की सरकार काफी समय से इन नए प्रतिबंधों से निपटने की रणनीति तैयार कर रही थी और तेहरान के पास अमेरिकी दबाव का जवाब देने के अपने प्रभावी तरीके मौजूद हैं।
यह नया आर्थिक विवाद अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ एक नए और आक्रामक आर्थिक अभियान की घोषणा की थी।
वॉशिंगटन का मुख्य लक्ष्य ईरान की तेल से होने वाली कमाई, बैंकिंग नेटवर्क और अन्य वित्तीय मार्गों पर शिकंजा कसना है। अमेरिका ने न केवल 60 व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में डाला है, बल्कि दुनिया भर के अन्य देशों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी सख्त चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने ईरान के साथ अपना व्यापार जारी रखा, तो उन्हें अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह बाहर किए जाने का जोखिम उठाना पड़ेगा।
ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेलता आ रहा है, जिसके चलते देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही रिकॉर्ड महंगाई और राष्ट्रीय मुद्रा में आई भारी गिरावट से जूझ रही है। अमेरिकी प्रशासन का यह नया कदम ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से पूरी तरह अलग-थलग करने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे इन प्रतिबंधों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने और देश की विकास योजनाओं को जारी रखने में सक्षम रहेंगे।
