टोरंटो: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। कनाडा ने मंगलवार को अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठाते हुए करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान पर नए शुल्क लगाने का ऐलान किया। इस सूची में इस्पात, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण और कृषि उपकरणों के अलावा कई रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाली चीजें भी शामिल हैं। कुछ उत्पादों पर शुल्क की दर 50 फीसदी तक रखी गई है।
कनाडा का यह फैसला अमेरिकी प्रशासन की ओर से कनाडाई सामान पर 50 फीसदी शुल्क लगाए जाने के बाद आया है। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिका ने यह कदम उठाया था। इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका पर कनाडा को अपने अधीन करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान अमेरिका की मांगों से कनाडा के प्रमुख उद्योगों पर गंभीर असर पड़ सकता था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी विवाद को और बढ़ाते हुए कनाडा को अमेरिकी शर्तें मानने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि मौजूदा शुल्कों से भी ज्यादा गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कनाडाई वाहनों, वाहन कलपुर्जों और इस्पात पर अतिरिक्त 50 फीसदी शुल्क लगाने की चेतावनी भी दी। इसी बीच ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने की ट्रंप की टिप्पणी ने भी नया विवाद खड़ा कर दिया।
कनाडा की ओर से घोषित नए शुल्क 8 सितंबर से प्रभावी होंगे। अलग-अलग सामान पर 15 फीसदी, 25 फीसदी और 50 फीसदी की दर से शुल्क लगाया जाएगा। कनाडा ने लुगदी एवं कागज, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत 700 से ज्यादा उत्पादों पर अमेरिका की ओर से लगाए गए शुल्क के जवाब में समान स्तर का शुल्क लगाने का फैसला किया है। कई उत्पादों पर मौजूदा 25 फीसदी शुल्क को बढ़ाकर 50 फीसदी किया जाएगा।
नए शुल्कों का सबसे ज्यादा असर इस्पात और एल्युमीनियम से जुड़े उत्पादों पर पड़ने वाला है। कुछ इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों, फर्नीचर और कपड़ों पर 50 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। वहीं घरेलू उपकरणों, पनीर समेत डेयरी उत्पादों, मछली और समुद्री खाद्य तथा इस्पात-एल्युमीनियम से बने कुछ सामान पर 25 फीसदी शुल्क लागू होगा। अमेरिकी वाहनों पर कनाडा के पहले से लागू जवाबी शुल्क जारी रहेंगे।
कनाडाई अधिकारियों ने साफ किया है कि इन शुल्कों का मकसद सरकारी राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि घरेलू कंपनियों को अमेरिकी आयात के असर से बचाना है। अधिकारियों के अनुसार, कनाडा की ओर से 25 फीसदी शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिका से आने वाले इस्पात के आयात में पहले ही करीब 30 फीसदी की कमी आ चुकी है। नए 50 फीसदी शुल्क के बाद इसमें और गिरावट आने की उम्मीद है।
व्यापार विवाद से प्रभावित कारोबारियों और कर्मचारियों के लिए कनाडा ने 7.5 अरब कनाडाई डॉलर के सहायता पैकेज की भी घोषणा की है। यह रकम करीब 5.4 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है। कनाडा सरकार ने माना है कि जवाबी शुल्क के कारण कुछ कंपनियों और उपभोक्ताओं की लागत बढ़ सकती है, लेकिन उसका अनुमान है कि पूरी अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से अब तक शुल्कों के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार 30 अरब कनाडाई डॉलर से ज्यादा की सहायता दे चुकी है।
