US Iran Ceasefire Talks: वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तेजी से बढ़ रही कीमतों और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अपनी रेटिंग पर मंडरा रहे संकट के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई दो घंटे की उच्चस्तरीय बैठक से बिना किसी अंतिम निर्णय के बाहर निकल आए हैं। यह महत्वपूर्ण बैठक ईरान युद्ध को रोकने और एक अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) समझौते को आगे बढ़ाने के लिए बुलाई गई थी।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को जानकारी दी कि हालांकि दोनों देश एक समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन ईरान के लिए फंड जारी करने और अन्य प्रमुख तकनीकी मामलों पर अभी भी गहन विचार-विमर्श का दौर चल रहा है।
ट्रंप की ‘रेड लाइन्स’ और पैसे के लेन-देन पर रोक
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि सिचुएशन रूम की यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली। राष्ट्रपति ट्रंप केवल उसी समझौते को स्वीकार करेंगे जो पूरी तरह अमेरिका के हित में हो और उनकी तय की गई सीमाओं (रेड लाइन्स) को पूरा करता हो। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
बैठक से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए थे कि वे इस चर्चा में युद्धविराम को लेकर कोई आखिरी फैसला ले सकते हैं। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बरकरार हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी शर्तें स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) को तुरंत हटाना होगा, जिसके बदले में अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा ताकि जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही शुरू हो सके। इसके साथ ही, ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (हाईली एनरिच्ड यूरेनियम) को बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा।
ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा, “अगले आदेश तक किसी भी पैसे का लेन-देन नहीं होगा।” वे दरअसल उन मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें दावा किया गया था कि तेहरान बातचीत के अगले चरण में बढ़ने से पहले अमेरिका द्वारा जब्त की गई अपनी 12 अरब डॉलर की संपत्ति को तुरंत जारी करने की मांग कर रहा है।
"Iran must agree that they will never have a Nuclear Weapon or Bomb… I will be meeting now, in the Situation Room, to make a final determination." – President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/qJTBbkrSr4
— The White House (@WhiteHouse) May 29, 2026
ईरान का रुख: ‘दावे सच और झूठ का मिश्रण’
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इन दावों पर सधा हुआ रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सरकारी टीवी चैनल IRIB TV को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ अभी तक कोई भी लिखित या राजनीतिक समझौता अंतिम रूप से पक्का नहीं हुआ है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है। बगाई ने कहा कि बातचीत में ईरान का पूरा ध्यान इस समय केवल युद्ध को पूरी तरह खत्म करने पर केंद्रित है।
ईरानी प्रवक्ता ने परमाणु मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि इस शुरुआती चरण में हम ईरान के यूरेनियम संवर्धन या संवर्धित यूरेनियम से जुड़े आंतरिक विवरणों पर कोई बात नहीं कर रहे हैं। वहीं, तेल व्यापार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को फिर से खोले जाने की शर्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए बगाई ने दोटूक कहा कि इस जलडमरूमध्य का भविष्य का प्रबंधन केवल ईरान और ओमान के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स (Fars) ने भी सूत्रों के हवाले से ट्रंप के बयानों को ‘सच और झूठ का मिश्रण’ करार दिया है, जिससे साफ है कि शांति समझौते की राह में अभी भी कई कूटनीतिक अड़चनें बाकी हैं।
