ईरान और अमेरिका के बीच घोषित सीजफायर के बावजूद हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। बुधवार को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सुरक्षा बलों ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर अंधाधुंध फायरिंग की और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन जहाजों को बंधक बनाया गया है, उनमें से एक भारत की ओर आ रहा था। इस ताजा घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और शांति वार्ता पर अनिश्चितता के बादल और गहरे कर दिए हैं।
जहाज-ट्रैकिंग डेटा और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन तीनों कंटेनर जहाजों की पहचान लाइबेरिया के झंडे वाले ‘एपामिनोंडास’, पनामा के झंडे वाले ‘MSC फ्रांसेस्का’ और ‘यूफोरिया’ के रूप में हुई है। ‘एपामिनोंडास’ जहाज भारत के लिए रवाना हुआ था और बुधवार को सबसे पहले इसी पर हमला किया गया। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 15 समुद्री मील की दूरी पर IRGC की गनबोट्स ने इस जहाज पर गोलीबारी की, जिससे इसके कमांड सेंटर को भारी नुकसान पहुँचा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ईरान ने अपनी कार्रवाई को जायज ठहराते हुए दावा किया है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया और बार-बार दी जा रही चेतावनियों को नजरअंदाज किया। ईरान का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के कारण ही दो जहाजों को कब्जे में लिया गया है। वहीं, ‘MSC फ्रांसेस्का’ श्रीलंका के हम्बनटोटा और ‘यूफोरिया’ जेद्दा की ओर जा रहा था। समुद्री सूत्रों का कहना है कि इनमें से कम से कम एक जहाज के पास जलमार्ग से गुजरने की अनुमति पहले से मौजूद थी, फिर भी उसे निशाना बनाया गया।
भारत के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने हाल ही में खुलासा किया था कि पिछले सप्ताह भी दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी हुई थी, जिसके बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा था। हालांकि, भारतीय ध्वज वाला टैंकर ‘देश गरिमा’ 18 अप्रैल को सुरक्षित रूप से हॉर्मुज पार करने में सफल रहा था और उसके जल्द मुंबई पहुँचने की उम्मीद है। फिलहाल, भारत सरकार अपने बंधक बनाए गए जहाज और क्रू की सुरक्षा को लेकर कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय हो गई है, क्योंकि हॉर्मुज में बढ़ता तनाव देश की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
