तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर हुए भीषण मिसाइल हमले और उसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत के बाद ईरान ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखा ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने इस हमले का बचाव करते हुए कहा है कि इन जहाजों ने ईरानी नौसेना द्वारा बार-बार दी गई सुरक्षा चेतावनियों और निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया था।
ईरान ने हमलों को बताया ‘सफल अभियान’
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में किसी भी जहाज के नाम का सीधा उल्लेख किए बिना कहा कि समुद्री चेतावनियों का उल्लंघन करने वाले दो सुपरटैंकरों पर “सफलतापूर्वक” निशाना साधा गया और उन्हें आगे बढ़ने से रोककर निष्क्रिय (बेकार) कर दिया गया। ईरानी सैन्य बल का दावा है कि इन जहाजों ने जानबूझकर अपने ‘नेविगेशन सिस्टम’ (ट्रांसपोंडर्स) बंद कर दिए थे और बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी करते हुए बेहद संवेदनशील और खतरनाक रास्ते से गुजरने की कोशिश की थी। ईरान ने साफ किया कि उसकी सीमा और नियंत्रण वाले समुद्री मार्ग में ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की इजाजत नहीं दी जा सकती।
UAE ने दी थी हमले और भारतीय क्रू की मौत की जानकारी
इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने इस भयानक हमले की पुष्टि की थी। अमीराती अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल कर उनके दो बड़े तेल टैंकरों—’मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘अल बहिया’ (Al Bahiya) को निशाना बनाया था। इस हमले के बाद दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई थी। जहाज पर सवार साहसी क्रू मेंबर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और एक बहुत बड़े समुद्री हादसे को टाल दिया। हालांकि, इस हमले में ‘मोम्बासा’ टैंकर पर सवार एक भारतीय क्रू मेंबर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
UAE ने दी जवाबी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इस ईरानी मिसाइल हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन कानूनों का गंभीर और खुला उल्लंघन बताया है। यूएई सरकार ने कहा कि इस तरह के कायरतापूर्ण हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक व्यापार को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
अमीराती रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उसके पास इस तनावपूर्ण और उकसावे वाली स्थिति का उचित जवाब देने का पूरा अधिकार सुरक्षित है। देश अपने क्षेत्र, संप्रभुता, नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यूएई की सेनाएं इस समय पूरी तरह अलर्ट और हाई-डेक स्थिति में हैं, और देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का बेहद कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। इस घटना के बाद खाड़ी देशों और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी और भड़कने की आशंका है।
