क्यूबा में 6.1 तो ईरान में 5.0 तीव्रता का झटका; फ्लोरिडा से मैक्सिको तक महसूस हुए झटके

क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट पर 6.1 तीव्रता का दुर्लभ और शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके फ्लोरिडा और मैक्सिको तक महसूस किए गए। वहीं दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। दोनों देशों में फिलहाल बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों में आए तेज भूकंप के झटकों ने सोमवार और मंगलवार को क्यूबा और ईरान को हिलाकर रख दिया। भारतीय समयानुसार, सोमवार की देर रात क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट पर एक बेहद शक्तिशाली और ऐतिहासिक रूप से असामान्य भूकंप दर्ज किया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद मंगलवार तड़के दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में भी धरती कांप उठी। क्यूबा के पास आए 6.1 तीव्रता के भूकंप का असर इतना व्यापक था कि इसके झटके कैरिबियन देशों के अलावा मैक्सिको और अमेरिका के फ्लोरिडा तक महसूस किए गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दोनों ही देशों के अधिकारियों ने तत्काल किसी बड़े जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी है।

क्यूबा में लगभग 150 साल बाद आया इतना विनाशकारी भूकंप

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई। भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र के लिए इसे एक ऐतिहासिक और बेहद असामान्य घटना बताया है। यह एक उथला भूकंप था, जो जमीन से महज 26 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था। इसका मुख्य केंद्र पश्चिमी क्यूबा के मंटुआ से लगभग 104 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में था, जो राजधानी हवाना से सड़क मार्ग द्वारा करीब दो से चार घंटे की दूरी पर स्थित है।

यूएसजीएस के विशेषज्ञ पॉल अर्ल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह भूकंप इसलिए बेहद दुर्लभ था क्योंकि यह किसी प्लेट बाउंड्री (टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा) के बजाय एक टेक्टोनिक प्लेट के आंतरिक हिस्से के भीतर आया था। आमतौर पर इतने शक्तिशाली भूकंप प्लेटों की सीमाओं पर ही केंद्रित होते हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के 322 किलोमीटर के दायरे में आखिरी बार साल 1880 में सैन क्रिस्टोबल के पास अनुमानित 6.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उसके बाद से यानी पिछले करीब 150 वर्षों में ऐसा कोई बड़ा झटका यहां महसूस नहीं किया गया था।

भूकंप के झटके महसूस होते ही पश्चिमी क्यूबा के लोग दहशत के मारे तुरंत अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह झटका इतना भीषण था कि उन्होंने अपने जीवन में पहले कभी ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया था। क्यूबा के अलावा फ्लोरिडा और मैक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे कैनकन, प्लाया डेल कारमेन और टुलम में भी धरती हिली। एहतियात के तौर पर कैनकन में कई ऊंची इमारतों को तुरंत खाली करा लिया गया, जबकि मैक्सिको के युकाटन और क्विंटाना रू राज्यों के प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया। हालांकि, क्यूबा और आस-पास के समुद्र में सुनामी को लेकर कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

दक्षिणी ईरान में भी कांपी धरती, होर्मोज़गान प्रांत में 5.0 तीव्रता का झटका

दूसरी ओर, ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक मंगलवार तड़के देश के दक्षिणी प्रांत होर्मोज़गान के सरगाज क्षेत्र में भी भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.0 मापी गई और इसका केंद्र सतह से लगभग 22 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भूकंप से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि ईरान भौगोलिक रूप से दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संवेदनशील और सक्रिय देशों में गिना जाता है। कई प्रमुख और सक्रिय फॉल्ट लाइनों (भूगर्भीय दरारों) पर स्थित होने के कारण यहां अक्सर मध्यम से लेकर भारी तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।

वैश्विक स्तर पर भूगर्भीय हलचल का यह दौर केवल इन्हीं दो देशों तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले सोमवार को ही फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का एक अत्यंत विनाशकारी और शक्तिशाली भूकंप आया था। ठीक इसी दिन पड़ोसी देश भूटान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसका असर भारत के असम राज्य सहित नेपाल और चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिला था।

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