तालिबान ने पाकिस्तान में घुसकर की एयरस्ट्राइक, बलूचिस्तान और KPK में आतंकी ठिकानों पर रातभर बरसाए बम

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

तालिबान ने पाकिस्तान में घुसकर की एयरस्ट्राइक
तालिबान ने पाकिस्तान में घुसकर की एयरस्ट्राइक

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव की लपटें उठने लगी हैं। दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध तब और ज्यादा गहरा गया जब तालिबान के नेतृत्व वाले अफगान रक्षा मंत्रालय ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर रातभर हवाई हमले करने की खुलकर जिम्मेदारी ले ली।

तालिबान प्रशासन का कड़ा दावा है कि उसने यह आक्रामक सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से पाकिस्तान समर्थित आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए की है। इस ताजा और अप्रत्याशित हवाई हमले के बाद दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच दशकों पुराना सीमा संकट अब तक के सबसे खराब और नाजुक दौर में पहुंच गया है, जिसके चलते पूरे दक्षिण-एशियाई इलाके में एक बड़े युद्ध के काले बादल मंडराने लगे हैं।

तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक बेहद सख्त आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान की वायुसेना ने पाकिस्तान की भौगोलिक सीमा का उल्लंघन करते हुए वहां के अशांत बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में इस बड़ी सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

अफगान सेना ने अपनी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए दावा किया है कि ये हवाई हमले मुख्य रूप से कुख्यात वैश्विक आतंकी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत’ के ठिकानों को पूरी तरह खत्म करने के लिए किए गए थे। तालिबान के रणनीतिकारों के अनुसार, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के अंतर्गत आने वाले किला अब्दुल्ला जिले के गुलिस्तान इलाके, चागी जिले के शकर आब जंगल गर्दी क्षेत्र और खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई इलाके में इस आतंकी संगठन के कई सुरक्षित ठिकाने और ट्रेनिंग कैंप सक्रिय थे, जिन्हें अफगान लड़ाकू विमानों ने बमबारी कर पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।

काबुल प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने अपना पक्ष रखते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि पाकिस्तान के जिन अंदरूनी इलाकों को उनके लड़ाकू विमानों ने निशाना बनाया है, उनका इस्तेमाल पिछले लंबे समय से अफगानिस्तान की शांति व्यवस्था को भंग करने और वहां बड़े हमलों की योजना बनाने के लिए एक सुरक्षित लॉन्च पैड के रूप में किया जा रहा था।

अफगान रक्षा मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि उनके अत्याधुनिक विमानों ने सभी पूर्व-निर्धारित आतंकी ठिकानों को बेहद सटीकता के साथ निशाना बनाया है और इस ऑपरेशन में आतंकियों को भारी नुकसान हुआ है। तालिबान ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई को अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और अखंडता पर होने वाले हमलों का एक सटीक तथा करारा जवाब बताया है, साथ ही उन्होंने इस्लामाबाद को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता के मामले में किसी भी देश के आगे नहीं झुकेगा और अपनी रक्षा के लिए भविष्य में भी हर मुमकिन सैन्य कदम उठाता रहेगा।

अगर इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि को देखा जाए, तो यह घातक हवाई हमला अचानक नहीं हुआ है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच सीमा पर जारी भारी गोलाबारी और सैन्य तनाव का ही एक सीधा नतीजा है। दरअसल, इससे पहले पाकिस्तान की वायुसेना ने भी अफगानिस्तान की संप्रभु सीमा के अंदर घुसकर इसी तरह के भीषण हवाई हमले किए थे, जिसके बाद से ही दोनों देशों के राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह से टूट चुके थे। उस समय अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान सरकार पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहा था कि पाकिस्तानी हवाई हमलों में कोई आतंकी नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले निर्दोष अफगान नागरिक मारे गए थे, जिनमें मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। हालांकि, उस वक्त इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दलील दी थी कि उसने केवल उन चुनिंदा आतंकी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया था, जहां बैठकर आतंकी संगठन पाकिस्तान की सुरक्षा सेनाओं पर लगातार हमले कर रहे थे।

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