वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले अधिकांश सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने इस फैसले के लिए कनाडा द्वारा अमेरिकी गाड़ियों, शराब और डेयरी उत्पादों के साथ कथित असमान व्यवहार को जिम्मेदार बताया है। माना जा रहा है कि इस कदम से अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है।
एपी के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप ने 1930 के ट्रेड एक्ट की धारा 338 के तहत टैरिफ लागू करने के लिए तीन आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। पिछले वर्ष कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस धारा को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया था। उनका तर्क था कि इस प्रावधान का इस्तेमाल अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए किया जा सकता है।
नए 50 प्रतिशत टैरिफ के दायरे से ऊर्जा उत्पादों, पोटाश, मछली और आवश्यक खनिजों को बाहर रखा गया है। हालांकि, इसमें वे सामान शामिल होंगे जिन्हें पहले यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के तहत छूट प्राप्त थी। अमेरिका ने वर्ष 2020 के इस व्यापार समझौते का नवीनीकरण नहीं किया है, जिसके बाद नई व्यापार वार्ताओं का दौर शुरू हुआ है और यह प्रक्रिया 2036 तक चल सकती है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय कनाडा द्वारा अमेरिकी वाहनों, डेयरी उत्पादों और शराब के प्रति कथित असमान व्यवहार के जवाब में लिया गया है। उन्होंने बताया कि नया टैरिफ 30 दिनों के बाद लागू होगा। इसके तहत वाइन, हॉकी स्टिक जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर व्यावसायिक सीमेंट जैसी औद्योगिक सामग्रियां भी शामिल होंगी।
अमेरिका पहले से ही कनाडाई स्टील, एल्युमिनियम और तांबे पर 15 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा रहा है। इसके अलावा सॉफ्टवुड लकड़ी पर 35 प्रतिशत और वाहनों में उपयोग होने वाले गैर-अमेरिकी पुर्जों पर 25 प्रतिशत शुल्क भी लागू है। जवाब में कनाडा ने अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम और कुछ वाहनों पर 25 प्रतिशत का जवाबी टैरिफ लगाया हुआ है।
इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनकी सरकार जल्द ही अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता तेज करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार ऐसे व्यापारिक कदम उठा रहा है जो कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको मुक्त व्यापार समझौते की भावना के विपरीत हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कनाडा ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
मार्क कार्नी ने अपने बयान में कहा कि उनकी सरकार मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के लाभों में विश्वास करती है तथा 20 से अधिक नई आर्थिक और सुरक्षा साझेदारियों पर हस्ताक्षर कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यापार विवाद के कारण परिवारों, विशेष रूप से अमेरिका में रहने वाले परिवारों पर खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है।
