सूरत: गुजरात के सूरत में खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने के एक मामले में चार साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रेस्टोरेंट को बंद करा दिया है और खाने की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
सूरत महानगर पालिका की मुख्य फूड सेफ्टी ऑफिसर सेजल व्यास के मुताबिक, विभाग को फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने के बाद टीम ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां खराब चने की दाल के अलावा खुले में रखी सब्जियां और पनीर भी मिला।
विभाग के अनुसार, पीड़ित परिवार 15 तारीख को इसी रेस्टोरेंट से सब्जी लेकर गया था। इसके बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। बाद में चार साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद अधिकारियों ने रेस्टोरेंट को बंद करा दिया।
पहले लिए जा चुके थे खाने के सैंपल
सेजल व्यास ने बताया कि रेस्टोरेंट के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार, इससे पहले भी इस प्रतिष्ठान से खाने के नमूने लिए गए थे और उस समय वे जांच में मानकों के अनुरूप पाए गए थे।
हालांकि, इस बार खाना खाने के बाद बच्ची की मौत की घटना सामने आने के बाद विभाग ने रेस्टोरेंट को बंद करने का फैसला लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मथुरा में नकली पनीर बनाने वाली इकाई पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का एक और मामला मथुरा से सामने आया है। वहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने अभियान के दौरान एक कथित नकली पनीर फैक्ट्री पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान करीब 500 किलोग्राम दूषित पनीर नष्ट कराया गया। टीम ने बड़ी मात्रा में रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, टीनोपाल केमिकल और सोडियम हाइड्रो भी जब्त किया। जांच के मुताबिक, इन पदार्थों का इस्तेमाल पनीर तैयार करने में किया जा रहा था।
