पुणे के म्हेत्रे वस्ती इलाके में रविवार को एक चार साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बच्ची अपने घर के पास खुले मैदान में खेल रही थी, तभी अचानक कई कुत्ते उसके आसपास जमा हो गए। कुछ ही सेकंड में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बच्ची को अपनी जान बचाना मुश्किल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुत्तों ने बच्ची को घेर लिया। बच्ची घबराकर वहां से भागने लगी, लेकिन इसी दौरान दो कुत्तों ने उसे पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद अन्य कुत्ते भी उसके पास पहुंच गए और बच्ची को काटना शुरू कर दिया। बच्ची की चीख सुनकर और घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्तों को वहां से हटाया और बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी सामने आए हैं। फुटेज में बच्ची के आसपास कुत्तों का झुंड और उसके बाद हुआ हमला देखा जा सकता है। हमले में बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं और अस्पताल में उसका उपचार जारी है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के कारण बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
लोगों ने पुणे महानगरपालिका से मांग की है कि घटना को गंभीरता से लिया जाए और इलाके में घूम रहे आक्रामक कुत्तों के संबंध में तत्काल कार्रवाई की जाए। नागरिकों का कहना है कि समय रहते कदम उठाना जरूरी है, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
समय पर मदद से बची बच्ची
इस घटना में स्थानीय लोगों की तत्परता अहम रही। हमले के तुरंत बाद लोगों के मौके पर पहुंचने से बच्ची को कुत्तों के झुंड से बाहर निकाला जा सका और उसे जल्द चिकित्सा सहायता मिल पाई। फिलहाल बच्ची अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है।
इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पुणे महानगरपालिका इस मामले में क्या कदम उठाती है और इलाके में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
