MP Weather Update: मध्य प्रदेश में सूर्य देव के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं, जिससे पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। राज्य के 25 से अधिक शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। बुधवार को छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र भोपाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीजन में पहली बार एक साथ 16 जिलों में लू (Heat Wave) की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। जिन जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांदुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो खजुराहो में 42.2 डिग्री, रतलाम में 42 डिग्री और नर्मदापुरम में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। वहीं, मंडला, सतना, सीधी और शाजापुर में पारा 41 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। प्रदेश के प्रमुख महानगरों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है; इंदौर में 39.8 डिग्री, भोपाल और जबलपुर में 39.6 डिग्री तथा ग्वालियर और उज्जैन में 39.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ है। इसके अतिरिक्त टीकमगढ़, धार, खरगोन, रीवा, उमरिया और दतिया जैसे शहरों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है।
बढ़ती गर्मी के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से उभर रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में हीट रैश, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया है। खंडवा के डॉक्टर योगेश शर्मा के अनुसार, हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का तापमान 104 डिग्री तक जा सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां रोजाना लगभग 1500 मरीज बुखार, उल्टी-दस्त और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बाहर निकलने से बचें। विशेषकर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्मी से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना, सूती कपड़े पहनना और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना अनिवार्य है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे गर्मी से बचाव के सभी उपाय अपनाएं और अनावश्यक यात्राओं से बचें।
